बागेश्वर सरकार का अनोखा भक्‍त: धीरेंद्र शास्त्री आए बिहार तो मुंडवाया सिर, गुरुदक्षिणा में ली ये शपथ

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सच्चिदानन्द/पटना. बिहार के पटना के नौबतपुर में बागेश्वर बाबा का पांच दिवसीय हनुमंत कथा का कल समापन हो गया. इसके बाद कथा स्थल से सीधे पंडित धीरेंद्र शास्त्री एयरपोर्ट पहुंचे और खजुराहो के लिए रवाना हो गए. बिहार में पांच दिन बिताने के दौरान उनको देखने और सुनने के लिए कथा स्थल से लेकर होटल तक भक्तों का तांता लगा रहा. कई लोग अलग-अलग रूप धारण करके, तो कई लोग सैकड़ों किमी से पैदल चल कर बाबा के दरबार में पहुंचे थे.

ऐसे ही एक भक्त हैं नवादा के मिथिलेश कुमार संतोषी. वह कई किमी दूर से पैदल चल कर कथा स्थल पहुंचे थे. वो बताते हैं कि उन्हें नवादा के लोग पगला बाबा के नाम से जानते हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री बिहार की धरती पर कथा कहने के लिए आएं, इस वजह से बाल मुड़वाने की मन्नत ली थी. मन्नत पूरी होने पर अपने सिर पर ओम का आकार बनवाया था.

पगला बाबा के नाम से जाने जाते हैं मिथिलेश
मिथिलेश कुमार संतोषी बताते हैं कि मैं अपने नवादा में पगला बाबा के नाम से फेमस हूं. मैं कोई भी काम करता हूं तो उसके लिए पागलपन की हद पार कर जाता हूं. मेरा काम ऐसा होता है कि जिसे देख कर लोग खुद पागल हो जाते हैं. जैसे नवादा से पैदल चलते हुए बाबा के कथा स्थल पर पहुंचना. इसके आलावा जब बाबा दूसरे जगहों पर कथा कहते हैं, तो मैंने मन्नत मांगी कि बाबा को बिहार लाने के लिए मैं अपना सिर मुड़वा लूंगा. ऐसा करते हुए उन्होंने अपने बालों को मुड़वाते हुए सिर पर ओम की आकृति बनवाई है. साथ ही बताया कि सनातन धर्म को बचाने के लिए ओम की आकृति बनवाया हूं. दरअसल ओम ही श्रृष्टि है, ओम ही सार है, ओम ही आदि है और ओम ही अंत है.

हर मंगलवार को करवाएंगे हनुमान चालीसा पाठ
बहरहाल, पिछले पांच दिनों में हनुमंत कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों को धर्म के बारे में बहुत कुछ सिखाया. इसी कथा से सीख लेते हुए और बाबा को गुरु दक्षिणा के रूप में मिथिलेश कुमार संतोषी उर्फ पगला बाबा प्रत्येक मंगलवार को अपने गांव के मंदिर में सामूहिक तौर पर हनुमान चालीसा का पाठ करवाएंगे. ऐसी उन्होंने शपथ ली है.

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FIRST PUBLISHED : May 18, 2023, 10:00 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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