
विक्रम कुमार झा/पूर्णिया. पूर्णिया विश्वविद्यालय में फिर हंगामा हुआ. गुस्साए छात्रों ने तालाबंदी कर दिया. इस दौरान छात्र और छात्र संघ के नेताओं कहा कीविश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में लगातार सैकड़ों की संख्या में छात्रों की भीड़ लगी रहती है लेकिन इसकी समस्या को सुनने वाला कोई नहीं है. जबकि कई बार परीक्षा नियंत्रक और सहायक परीक्षा नियंत्रक से छात्र मिलकर आवेदन देते हैं.
फिर भी कई दिनों तक उसका काम नहीं हो पाता है. यहां छात्र चार जिला से आते हैं. जिसमें छात्रों का काफी संख्या में परीक्षा में अनुपस्थिति का मामला, पेंडिंग, प्रमोट का मामला सामने आ रहा है. साथ ही साथ बीए का रिजल्ट जारी नहीं किया गया. पार्ट वन, पार्ट 2, पार्ट थर्ड में एडमिशन प्रारंभ कर दिया है.
छात्र नेताओं ने कही यह बात
राहुल सिंह, मनीष मंडल, अभिजीत सिंह, राहुल यादव, दिनार हुसैन, फैज अख्तर, रोशन कुमार, रवि राय, सरफराज आलम, सुमित यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों पर भी गंभीरता पूर्वक आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के तरफ से पूरी तरह से काम में लापरवाही के साथ-साथ पैसे का भी उगाही किया जाता है.
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के कुछ कर्मियों के द्वारा मार्कशीट अंक पत्र नहीं मिलता है.छात्र नेता अंकुर यादव, सुमित झा, रोहित ,पप्पू ने बताया कि छात्र को परीक्षा में उपस्थित होने के बावजूद अनुपस्थित दिखा दिया जाता है. परीक्षा हो जाने के बाद अंकपत्र और प्रपत्र संबंधित अन्य कागजातों के लिए विश्वविद्यालय के कर्मियों के द्वारा कई महीनों तक टालमटोल की जाती है.
परीक्षा नियंत्रक ने कही यह बात
पूर्णिया विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक विनय कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्र छात्राओं के द्वारा उनकी कई मांगे जायज है. कई मांगों में विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार प्रयासरत है. उनके कार्यों को किया जा रहा है. कुछ काम ऐसे हैं जिन्हें करने में थोड़ा समय लग जाता है. जिस कारण सभी छात्र छात्राएं उग्र हो रहे हैं, हालांकि उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि तालाबंदी या उग्र आंदोलन करने से कोई फायदा नहीं होगा. इसलिए कोई भी समस्या होने पर आप विश्वविद्यालय प्रशासन के कर्मियों से मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्र-छात्राओं की सुविधा को मुहैया कराने के लिए प्रयासरत है.
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FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 22:43 IST








