
परमजीत कुमार/देवघर. देवों के देव महादेव के लिए सावन का महीना बहुत प्रिय माना गया है. वहीं देवो की नगरी देवघर में सावन में पूरे एक महीना मेला लगता है, जिसमें देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं. भक्त बिहार के सुल्तानगंज से जल उठाकर 105 किमी पैदल चलकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और बाबा को जल अर्पित करते हैं. वहीं इस बार श्रावण में मलमास पड़ रहा है. इस कारण इस बार श्रावणी मेला 2 महीने का होने जा रहा है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल मलमास पड़ रहा है. लिहाजा इस साल हिन्दू वर्ष 12 माह की जगह 13 माह का होने जा रहा है. अधिक मास के कारण इस बार सावन दो महीने का होने जा रहा है. सावन माह की शुरुआत 4 जुलाई से होगी और समापन 31 अगस्त को होगा. इस बीच मलमास 18 जुलाई से आरम्भ होकर 16 अगस्त तक रहेगा. यह संयोग 19 साल बाद बन रहा है.
क्या होता है मलमास :
बैद्यनाथधाम के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने बताया कि पंचांग के अनुसार तीन साल में एक बार मलमास पड़ता है. इसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं. वहीं, जिस चंद्र मास में सूर्य की संक्रांति नहीं होती, उस मास को मलमास कहते हैं. मलमास पड़ जाने के कारण पूरे 1 महीने शुभ कार्य की मनाही होती है. मलमास भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इस अवधि में विष्णु भगवान की उपासना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है.
19 साल बाद बन रहा यह योग
बैद्यनाथ धाम के ज्योतिषाचार्य ने बताया कि यह मलमास सावन के महीने में पिछली बार 19 साल पहले पड़ा था. यानी की 2004 में सावन 2 महीने का हुआ था. उसके बाद 2023 में सावन में मलमास लग रहा है. मलमास की 18 जुलाई से शुरुआत होगा और 16 अगस्त को समाप्त होगा.
सावन में पड़ेंगे 8 सोमवार
भोलेनाथ के भक्तों को उनकी कृपा पाने व प्रसन्न करने के लिए एक नहीं बल्कि दो महीने का मौका मिलेगा. साथ ही सावन के सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को और भी ज्यादा प्रिय है. इस साल सावन में 8 सोमवार पड़ने वाले हैं. भक्त भगवान भोलेनाथ की कृपा ज्यादा पा सकेंगे.
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FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 19:58 IST








