मुंबई. ‘हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं… हैईई… ‘ 1975 में आई फिल्म ‘शोले’ में असरानी का ये जेलर वाला अंदाज कुछ ऐसा हिट हुआ कि आज भी उनके फैंस उन्हें इसी डायलॉग से याद करते हैं. अब उम्र में 83 साल के हो चुके असरानी एनर्जी या किस्सागोई के मामले में आज भी किसी से पीछे नहीं हैं. लेकिन असरानी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत में कई पापड़ बेले. पुणे के फिल्म इंस्टिट्यूट से पास होने के बाद भी असरानी 5 सालों तक निर्देशकों के घरों के चक्कर काटते रहे थे. इतना ही नहीं, एक निर्देशक ने तो सालों तक अपने घर के चक्कर कटवाने के बाद उनके सामने ये शर्त ही रख दी कि ‘अगर जया भादुड़ी के लिए बुलावे का लेटर आया तो तुम भी जाना, तब देखेंगे.’ आइए बताते हैं मशहूर कॉमेडियन असरानी को ये पहली फिल्म मिलने का मजेदार किस्सा.
जया बच्चन, शबाना आजमी के टीचर हैं असरानी
गोवर्धन असरानी ने साल 1966 में ही पुणे के फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ( FTII) से डिग्री ले ली थी. लेकिन पास होने के बाद भी उनके पास काम नहीं था. ऐसे में खुद का खर्च चलाने के लिए वो अपने ही इंस्टिट्यूट में टीचर बन गए और पढ़ाने लगे. लेकिन हर शुक्रवार को वो पुणे से मुंबई काम ढूंढने आते थे. असरानी इस इंस्टिट्यूट में जया बच्चन, शबाना आजमी जैसी एक्ट्रेसेस के टीचर रह चुके हैं. ऐसे में अपने स्ट्रगल के बारे में बात करते हुए असरानी ने बताया, ‘हमें इतनी आसानी से काम नहीं मिला था. एफटीआई से निकलने के 5 साल तक मैं स्ट्रगल करता रहा. मैं रोज ऋषि दा (ऋषिकेश मुखर्जी) के बंगले के बाहर जाता और वो दिखते तो उनसे काम मांगता. पर वो कहते, ‘अंदर मत आना, कुत्ते हैं’. कई बार तो मुझपर कुत्ते भी छोड़ दिए. पर साहब हम रुके नहीं और हर शुक्रवार कोशिश करते.’
‘गुड्डी’ के बाद असरानी ऋषिकेश मुखर्जी की कई फिल्मों में नजर आए.
जया नाच लेती है, दादा मैं भी नाच लेता हूं: असरानी
अपने इस संघर्ष के बारे में असरानी कपिल शर्मा के शो में पूरा किस्सा बताया. उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन एक दिन ऋषि दा पुणे हमारे इंस्टिट्यूट आए. उनके साथ गुलजार और कुछ बंगाली असिस्टेंट भी थे. जैसे ही उन्हें देखा, मुझे लगा ‘अब तो रोल मिला.’ लेकिन जैसे ही वो उतरे तो उन्होंने मुझसे पूछा, ‘जया भादुड़ी (अब जया बच्चन) कौन है? मैंने अपने मन में सोचा, ‘हट.. जया भादुड़ी कौन है.. मेरी मां है…’ लेकिन मैंने उनसे ऐसा कहा नहीं. फिर मैं कैंटीन में जया को बुलाने गया. वो उस समय चाय पी रही थी. जैसे ही मैंने कहा कि ऋषिकेश मुखर्जी तुमने मिलने आए हैं, उसके हाथों से चाय का कप गिर गया.’
जब एक ‘गुड्डी’ ने दिलाईं 8 फिल्में
जया भादुड़ी फिर ऋषिकेश मुखर्जी से मिलीं और उन्होंने ‘गुड्डी’ फिल्म के लिए स्क्रीन टेस्ट दिया. पर असरानी ये मौका छोड़ना नहीं चाहते थे. उन्होंने गुलजार से पूछा कि कोई रोल है क्या. तब उन्होंने चुपके से बताया कि एक छोटा सा रोल है लड़के का जो बंबई हीरो बनने आता है. फिर वो कहते हैं, ‘ऋषि दा को मत बताना कि मैंने तुम्हें कहा है.’ ऐसे में जब ऋषि दा जा रहे थे तो असरानी ने कहा, ‘दादा, 4 साल हो गए हैं…’ तो उन्होंने कहा, ‘हां पता है.’ फिर उन्होंने पूछा, ‘जया को डांस करना आता है…’ तब असरानी ने कहा, ‘हां वो कर लेती है, मैं भी कर लेता हूं. बस मुझे एक मौका दीजिए.’ उसके बाद वहां से जाते हुए ऋषिकेश मुखर्जी ने कहा, ‘अगर जया के लिए यहां खत आया, तो तुम भी बंबई आ जाना.’ बस यहीं से असरानी को ‘गुड्डी’ मिल गई. ये फिल्म इतनी हिट हुई कि जया भादुड़ी रातों-रात स्टार बन गईं और मुझे इस फिल्म के बाद 8 फिल्मों का ऑफर आया.’
जयपुर में जन्में गोवर्धन असरानी ने फिर कभी मुड़कर नहीं देखा और अभी तक 375 से ज्यादा फिल्मों में नजर आ चुके हैं. पुराने जमाने से लेकर अभी तक असरानी फिल्मों में एक्टिव हैं. असरानी आने वाली फिल्म ‘ड्रीम गर्ल 2’ में भी नजर आने वाले हैं.
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Tags: Entertainment Throwback, Hrishikesh Mukherjee, Jaya bachchan
FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 14:51 IST








