
विशाल झा/गाजियाबाद : गरीबों का फ्रिज कहे जाने वाले मिट्टी के बर्तन एक बार फिर चर्चाओं में है. भीषण गर्मी में मिट्टी के बर्तनों की खरीदारी बढ़ गई है. पिछले वर्ष के मुकाबले तकरीबन 30 फीसदी का इजाफा भी मिट्टी के बर्तनों के दामों में देखने को मिल रहा है. गर्मी में ठंडा और साफ पानी पीने की चाहत में लोग मिट्टी के घड़े और बोतल खरीद रहे हैं.
अब तक लोग अपने घरों के लिए मिट्टी के घड़े खरीद कर ले जाते थे, लेकिन अब मार्केट में मिट्टी की बोतल भी आने लगी है. इसमें 700 एमएल से लेकर 2 लीटर तक पानी स्टोर किया जा सकता है. जिसकी कीमत 50 रुपये से शुरू होकर 250 रुपये तक है. इस बोतल को ऑफिस जाने वाले या फिर स्कूल जाने वाले बच्चे और बड़े काफी तेजी से खरीद रहे हैं. कारण है कि बोतल में पानी काफी समय तक ठंडा रहता है. दुकानदार के मुताबिक, 1 दिन में करीबन पांच से छह बोतल बिक रही है.
गर्मी के मौसम में उठापटक बना नुकसान का कारण
एक और जहां मिट्टी के बर्तनों की डिमांड बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मौसम ने भी चिंता बढ़ा रखी है. मिट्टी के बर्तनों को बेचने वाले अजय कुमार बचपन से ही यह काम करते आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस बार गर्मी काफी देरी से आई है. ऐसे में इस काम को बहुत नुकसान पहुंचा है. बढ़ती महंगाई के कारण बर्तन बनाने की लागत भी बढ़ गई है.
मिट्टी के बर्तनों में पानी पीने के फायदे
प्रतिरक्षा प्रणाली को फायदा : गाजियाबाद के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर बीपी त्यागी के मुताबिक, मटके का पानी पीने से प्रतिरक्षा प्रणाली में बढ़ावा देखने के लिए मिलता है. क्योंकि प्लास्टिक के बर्तनों में पानी रखने और पीने से पानी शुद्ध हो जाता है. ऐसे में मिट्टी के बर्तनों में पानी पीने से टेस्टोरोन का लेवल बढ़ता है.
गले को स्वस्थ रखने में मदद : गाजियाबाद के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉक्टर बीपी त्यागी ने बताया की फ्रिज का ठंडा पानी गले को नुकसान पहुंचाता है. कई बार गले की ग्रंथियों में सूजन आ जाती है. ऐसे में मिट्टी के बर्तनों में पानी पीने से गले पर कोई बुरा असर देखने के लिए नहीं मिलता है.
दर्द से छुटकारा: दरअसल मिट्टी में एंटी इंफ्लेमेटरी तत्व मौजूद होते हैं जिसके कारण शरीर में दर्द, ऐंठन और सूजन की शिकायत कम हो जाती है. अर्थराइटिस जैसी बीमारियों में भी मिट्टी के बर्तन से पानी पीने में राहत मिलती है.
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FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 13:02 IST









