हिमांशु नारंग/ करनाल. पिछले दिनों हुई बरसात ने टमाटर उत्पादक किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया.जहां बारिश से फसल को भारी नुकशान पहुंचा, तो वहीं अब टमाटर के गिरते दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. टमाटर के रेट दो रुपए किलो से लेकर 5 रुपए किलो तक गिर चुके है. हालांकि टमाटर के दाम घटने से आम जनता के लिए ये जरूर राहत वाली खबर है लेकिन अपनी मेहनत का सही भुगतान न मिलने को लेकर अन्नदाता आंसू बहा रहा है. उधर, किसान की चिंता यहीं खत्म नहीं होती, एक तरफ लगातार फसल में बढ़ती बीमारियों ने भी किसान को मुश्किलों में डाल रखा है.अब किसान जांए तो जांए कहां.
वहीं किसानों का कहना है कि प्रति कैरेट जहां पिछले साल 600 से 700 रुपए मिल जाते थे. वहीं इस बार मात्र 150 से 200 रुपए ही प्रति कैरेट मिल रही है. जिससे फसल पर हुआ खर्च तक नहीं निकल पा रहा है. जहां एक तरफ प्रति एकड़ 25 से 30 हजार रुपए खर्च आता है. वहीं दूसरी तरफ यह खर्च भी नहीं निकल पा रहा है. फसल को दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद ओर सहारनपुर मंडियों में भी ले जाते है, लेकिन कहीं भी किसानों को टमाटर की फसल का सही रेट नहीं रहा है.
फसल के उचित मूल्य का हो भुगतान
किसानों का कहना है कि मजदूरों को कर्ज लेकर मजदूरी देनी पड़ रही है. स्थिति इतनी बुरी है कि टमाटर तोड़कर मंडी में ले जाने के बाद किराया तक नहीं निकल रहा, मजदूरों को मजदूरी तक नहीं दे पा रहे है. 100 से लेकर 150 रुपए तक कैरेट बिक रही है. फसल खर्च, मजदूरी ओर मेहनत सब डूब चुका है. वहीं उन्होंने सरकार से मांग है कि टमाटर उत्पादक किसानों की ओर देखें और टमाटर की फसल का उचित रेट उन्हें दिया जाए.
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FIRST PUBLISHED : May 16, 2023, 20:53 IST








