Bikaner News : गर्मी में ठाकुर जी के लिए चल रहे कूलर और AC, ठंडक के लिए पी रहे हैं केरी का पानी

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निखिल स्वामी/ बीकानेर. दिन का तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच पहुंच चुका है. ऐसे में लोगों के खान पान और कपड़ो में बदलाव आया है तो वहीं ठाकुर जी के खान पान में भी बदलाव आया है. इन दिनो मंदिरों में ठाकुर जी गर्मी से बचाव के लिए कूलर, एसी और फव्वारे चलाए जा रहे है. तो वही खाने पीने में ठाकुर जी को केरी का पानी पिलाया जा रहा है जो पेट और शरीर में ठंडक प्रदान करता है.

मंदिर की व्यवस्था से जुड़े रामकुमार पुरोहित मुरारजी ने बताया कि बीकानेर के के ई एम रोड स्थित राज रतन बिहारी जी का मंदिर करीब 179 साल पुराना है. इस मंदिर का निर्माण राजा रतन सिंह ने अपनी पत्नी के लिए करवाया था. इस मंदिर को रानियों की हवेली कहा जाता है. पहले यहां मंदिर में सिर्फ रानियां ही दर्शन करने के लिए आती थी. रतन सिंह ने पंचम पीठाधीश्वर श्री श्री देवकीनंद आचार्य जी महाराज को मंदिर सौंप दिया था, उसके बाद उनके वंश यह परंपरा चला रहे है. अब जगद्गुरु पंचम पीठाधीश्वर श्री श्री वल्लभाचार्य जी महाराज के छोटे लालजी बिट्ठलनाथ गोस्वामी मंदिर की देखरेख कर रहे है. यह मंदिर ट्रस्ट गोकुलचंद्रमा कामवन की हवेली नाम से संचालित है.

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पत्नी के लिए बनवा दिया संगमरमर का मंदिर

पुरोहित ने बताया कि राजा रतन सिंह ने अपनी पत्नी के लिए ठाकुर जी का मंदिर बनवाया था. राजा रतन सिंह की पत्नी बीकानेर से गिरिराज जी दर्शन करने के लिए जाती थी. फिर राजा रतन सिंह ने अपनी पत्नी के लिए ठाकुर जी का मंदिर यहीं बनवा दिया. राजा ने अपने पोते के जन्मदिवस पर मंदिर बनवा दिया. यह पूरा मंदिर संगमरमर से बना हुआ है.

भगवान कृष्ण के साथ राधा की सखी

इस मंदिर में भगवान कृष्ण और राधा की सखी की प्रतिमा है. जो काले संगमरमर से बनी हुई है. भगवान कृष्ण के साथ एक तरफ तो ललिता जी और दूसरी तरफ विशाखा जी है. यह वे सखियां जी राधा जी की आठ सहेलियों में से हो हमेशा इनके साथ रहती थी.

गर्मी में ठाकुर जी को यह लगता है भोग

पुरोहित ने बताया कि सुबह मंगला भोग में माखन, मिश्री, पेडे होते है. राजभोग में रोटी, चावल, खीर, दो सब्जी, कड़ी, मूंग दाल, मठरी, लड्डू आदि होते है.शाम को शयन भोग ने मठरी, दूध, पूड़ी, चावल, सब्जी होती है साथ ही पान की बीड़ी भी चढ़ते है.

यह कपड़े पहनते है गर्मी में

गर्मी में ठाकुर जी के कपड़ो में भी बदलाव आया है. इन दिनो ठाकुर जी को सूती वस्त्र पहनाया जाता है तो वही शाम को शयन वस्त्र भी पहनाया जाता है. इसके साथ ही मोगरा और खसखस का इत्र लगाते है और चंदन का लेप लगाया जाता है जिससे ठंडक रहती है.

Tags: Bikaner news, Rajasthan news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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