
ओम प्रयास/हरिद्वार. उत्तराखंड के हरिद्वार में पुलिस द्वारा चलाया जा रहा शनिवार चौपाल का अभियान काफी रंग ला रहा है, जिससे हरिद्वार में धीरे-धीरे ड्रग माफिया पुलिस के हत्थे चढ़े रहे हैं. पुलिस द्वारा ड्रग माफियाओं पर लगातार कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है. साथ ही पुलिस द्वारा नशे की तस्करी से अर्जित की गई संपत्तियों को भी सीज किया जा रहा है . हरिद्वार में एसएसपी की कमान संभालते ही अजय सिंह द्वारा शनिवार चौपाल अभियान की शुरुआत की गई, जिसमें सूचना देने के लिए एक नंबर 8864882100 जारी किया गया. इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति नशीले पदार्थो को बेचने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकता है, जिसमें पुलिस द्वारा उस व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है और जिन ड्रग माफियाओं के खिलाफ आम जन द्वारा पुलिस को सूचना दी जाती है, उन पर कार्रवाई अमल में लाई जाती है.
हरिद्वार के एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में चल रहे ड्रग फ्री अभियान को सफल बनाने के लिए हरिद्वार के सभी थानों और कोतवाली क्षेत्र में शनिवार के दिन ऐसे मोहल्ले या जगह जहां पर नशे की प्रवृति ज्यादा बढ़ गई है, वहां पर पुलिस द्वारा ‘चौपाल’ आयोजित की जाती है. पुलिस द्वारा आयोजित चौपाल में लोगों को नशे के प्रति जागरूक किया जाता है. साथ ही पुलिस द्वारा जारी 8864882100 नंबर को चौपाल में उपस्थित लोगो को दिया जाता है. पुलिस द्वारा जारी इस नंबर पर कॉल करके नशा तस्करों की जानकारी पुलिस के साथ साझा की जाती है, जिसमे कॉल करने वाले की पहचान को गोपनीय रखा जाता है. एसएसपी ने कहा कि हर थाने और कोतवाली में एक रजिस्टर भी बनाया गया है, जिसमें नशे के आदि हो चुके लोगों की काउंसलिंग कर उन्हें नशे से दूर किया जा रहा है. साथ ही एक और रजिस्टर बनाया गया है, जिसमें लगातार नशे का कारोबार करने वालो की हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है. उन्होंने कहा कि चौपाल के माध्यम से लोगों से जुड़ना और उनकी समस्या को सुनकर सहायता नंबर उनके साथ साझा किया जा रहा है.
ड्रग माफिया माफियाओं पर पुलिस ने कसा शिकंजा
गौरतलब है कि पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में अब तक पुलिस ने कई ड्रग माफियाओं पर कार्रवाई की है, जिसकी लिस्ट काफी लंबी हो चुकी है. आगे भी पुलिस की ड्रग माफिया यह कार्रवाई लगातार चलती रहेगी. लोगों द्वारा सूचना देने पर उनकी जानकारी भी गोपनीय रखी जाती है और नशे के आदी हो चुके लोगों को काउंसलिंग कर उन्हें नशे से बाहर निकालने का काम भी पुलिस द्वारा किया जा रहा है. अब तक की बात करें तो पुलिस ने कई ड्रग माफिया माफियाओं पर अपना शिकंजा कस दिया है.
7 नशा तस्करों को किया गया चिन्हित
वहीं हरिद्वार पुलिस द्वारा 7 नशा तस्करों की करीब दो करोड़ 35 लाख रुपये की संपत्ति को भी जब्त किया गया है. तस्कर और विदेशी मुद्रा छल साधक (सम्पत्ति समपहरण) अधिनियम 1976 के तहत इन नशा तस्करों पर कार्रवाई की गई है. युवाओं की नसों में जहर घोलकर मादक पदार्थ की तस्करी कर चल-अचल सम्पत्ति जोड़ने वाले एनडीपीएस अधिनियम के तहत 7 नशा माफियाओं को चिन्हित किया गया है.
संपत्ति जब्त करने की तैयारी शुरू
इस दौरान एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68(F) में चिन्हित 07 अभियुक्तों द्वारा युवाओं को नशा बेचकर करीब 02 करोड़ 35 लाख 83 हजार रुपए की सम्पत्ति बनाई गई थी. पुलिस ने नशे से कमाई सम्पत्ति को फ्रीज करने के लिये सम्बन्धित विभागों (तहसील, रजिस्ट्रार कार्यालय) आदि को एक पत्र दिया और नशा तस्करों के मकान की कीमतों का मूल्यांकन पीडब्ल्यूडी विभाग से कराया गया. हरिद्वार पुलिस द्वारा नशा माफियों/ तस्करों की सम्पत्ति की जब्तीकरण रिपोर्ट एडिश्नल डायरेक्टर तस्कर और विदेशी मुद्रा(SAFEMA )न्यू दिल्ली को भी भेजी गई.
.
Tags: Haridwar news, Uttarakhand news
FIRST PUBLISHED : May 16, 2023, 17:51 IST








