
ललितेश कुशवाहा/ भरतपुर. लोक नृत्य भारतीय संस्कृति और सभ्यता की अनूठी पहचान है. राजस्थान (Rajsthan) में लोक नृत्यों (Folk Dances) के अनेक रूप है. जो आकर्षक, निपुण और मजेदार है. राजस्थानी लोक नृत्य भारत के अलावा विदेशो में भी लोकप्रिय है. इन्हीं में से एक लोक नृत्य राजस्थान के भरतपुर – अलवर में प्रसिद्ध बमरसिया या बम नृत्य (Bama Rasia Or Bomb Dance) है जो पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति का उदाहरण होने के साथ देशी व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है. होली के अवसर पर केवल एक बड़े ढोल की थाप पर पुरुषों द्वारा किया जाने वाला नृत्य है. बम या नगाड़े के साथ रसिया गाने से ही इसे बमरसिया कहते हैं. इस नृत्य का आयोजन होली (अलावा) विशेष कार्यक्रमों में भी किया जाता है. जब कलाकारों के द्वारा इस नृत्य की प्रस्तुति दी जाती है तो देशी व विदेशी मेहमान अपने आप को नहीं रोक पाते हैं और कलाकारों के साथ ठुमके लगाते है.
क्यों कहते है इस नृत्य को बमरसिया या बम नृत्य …
कलाकार छैल बिहारी शर्मा ने बताया कि अलवर-भरतपुर में ‘बम नृत्य’ प्रसिद्ध है.यह मुख्य रूप से होली का नृत्य है. इसमें दो व्यक्ति एक नगाड़े को डंडों से बजाते हैं और अन्य वादक थाली, चिमटा, मंजीरा, ढोलक व खड़ताल (Plate, Tongs, Manjira, Dholak And Khartal) आदि बजाते हैं और नर्तक रंग बिरंगे फूंदों एवं पंखों से बंधी लकड़ी को हाथों में लेकर उसे हवा में उछालते हैं. इस नृत्य के साथ होली के गीत और रसिया गाने के साथ साथ डांस भी किया जाता है. बम या नगाड़े के साथ रसिया गाने और डांस करने से ही इसे बमरसिया या बम नृत्य कहा जाता है.
यह नृत्य हर किसी का मोह लेता है मन ..
बमरसिया या बम नृत्य का आयोजन होली पर्व (Holi festival) के अवसर पर किया जाता है.लेकिन भरतपुर और अलवर जिलों में विशेष सामाजिक कार्यक्रमों में भी इस नृत्य का आयोजन किया जाता है. इस नृत्य को लेकर कलाकारों के द्वारा दी जाने वाली प्रस्तुति हर किसी का मन मोह लेती है और इस नृत्य में ब्रजभाषा और मेवाती भाषा में गाए जाने वाले रसिया सुनकर लोग गदगद हो जाते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 16, 2023, 13:55 IST








