खरगोन. खरगोन में मंदिरों से निकलने वाले फूलों से अगरबत्ती बनाई जा रही है. यह अनूठी पहल नगर पालिका ने स्वच्छता अभियान के तहत शुरू की है. पहले कचरा गाड़ी में ही मंदिरों के फूल इकट्ठे किए जाते थे, लेकिन इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही थी.
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खरगोन शहर में नगर पालिका ने स्वच्छता अभियान के तहत मंदिरों से निकलने वाले फूलों से अगरबत्ती बनाने की शुरुआत है. इसके लिए बकायदा नगर पालिका ने फूलों को इकट्ठा करने के लिए एक वाहन शुरू किया है. इसे कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने पिछले दिनों हरी झंडी दिखाई है.
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खरगोन में पहले कचरा वाहन में ही फूलों को इकट्ठा किया जाता था. इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही थीं. इस पर कलेक्टर वर्मा और नगरपालिका सीएमओ प्रियंका पटेल ने मिलकर इस समस्या का समाधान निकाला. इसके तहत फूल से अगरबत्ती बनाने की शुरुआत की.
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शहर भर में लगभग 150 से ज्यादा मंदिर है. इनमें पूजा पाठ करने के लिए आने वाले भक्त भगवान को ढेरों फूल अर्पित करते हैं. ऐसे में मंदिरों से फूलों का कचरा निकलता है. अब इसे संग्रहित कर अगरबत्ती बनाई जा रही है.
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खास बात यह है कि मंदिरों से निकले फूलों से नगरपालिका अगरबत्ती बना रही है. इस अगरबत्ती को उन्हीं मंदिरों में मुफ्त में सप्लाई किया जा रहा है. नगर पालिका परिषद की इस पहल की पुजारी और आमलोग बेहद तारीफ कर रहे हैं.
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मेलडेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी का कहना है मंदिर से निकलने वाले फूलों को लेकर नगर पालिका ने अच्छी पहल की है. पहले फूल इधर-उधर कचरे में या नदियों में बहा दिए जाते थे. इससे धार्मिक भावनाएं आहत होती थीं.
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पुजारी ने कहा अब मंदिर से निकलने वाले फूलों से अगरबत्ती बनाई जा रही हैं जो बहुत अच्छा काम है. भगवान के फूल भगवान के लिए ही अगरबत्ती बनने के काम आ रहे हैं.
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शहर के लोगों का मानना है नगर पालिका बेहद अच्छा काम कर रही है. पहले मंदिर से निकलने वाले फूल कचरे के साथ चले जाते थे. लेकिन अब अलग वाहन के जरिए मंदिरों से फूल ले जाकर अगरबत्ती बनाने की अच्छी पहल की है.
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नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी प्रकाश चित्ते का कहना है शहर में तकरीबन 150 से 200 मंदिर है. इनसे हर दिन लगभग एक से डेढ़ क्विंटल फूल इकट्ठे किए जाते हैं. फूलों से बनी अगरबत्ती मंदिरों को निशुल्क दी जा रही हैं. ज्यादा अगरबत्ती निर्माण होने पर उसे बेचना है या नहीं इसका निर्णय किया जाएगा.








