तजेंद्र सिंह लूथरा का कविता संग्रह सामाजिक जीवन के साधारण प्रसंग का संग्रह है – प्रयाग शुक्ल

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वरिष्ठ कवि और आईपीएस अधिकारी तजेन्द्र सिंह लूथरा के नए कविता संग्रह ‘एक नया ईश्वर’ के लोकार्पण और परिचर्चा का आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि प्रयाग शुक्ल, गगन गिल, सुधा उपाध्याय, प्रताप राव कदम, डॉ. किरण मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार बलबीर पुंज और पुस्तक के लेखक तजेन्द्र सिंह लूथरा उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन कवि-गीतकार व समालोचक ओम निश्चल ने किया. तजेंद्र सिंह लूथरा का यह कविता संग्रह वाणी प्रकाशन से प्रकाशित हुए है.

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए वाणी प्रकाशन ग्रुप की कार्यकारी निदेशक अदिति माहेश्वरी गोयल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी मुख्य अतिथियों का स्वागत किया. वाणी प्रकाशन ग्रुप के चेयरमैन और प्रबन्ध निदेशक अरुण माहेश्वरी ने सभी अतिथियों को सम्मानित किया.

तजेंद्र सिंह लूथरा ने अपनी पहली कविता वर्ष 2008 में 26/11 के मुम्बई आतंकवादी हमले में शहीद हुए पुलिसकर्मियों और नागरिकों पर लिखी. यह कविता अस्तित्व के सवालों से भरी थी. तजेंद्र कहते हैं कि आख़िर इन पुलिसकर्मियों और नागरिकों के बलिदान के क्या मायने हैं हमारे समय में. तभी एक रात उनके भीतर से एक कविता उमड़ पड़ी थी- ‘मैं आभारी हूं आपका’.

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वरिष्ठ पत्रकार व लेखक बलबीर पुंज ने कहा कि ‘एक नया ईश्वर’ कविता संग्रह एक नई उत्सुकता पैदा करता है. हम सभी किसी न किसी स्तर पर सुख-दुख झेलते हैं. उन्होंने कहा कि आत्म लिखने से पहले पढ़ना चाहिए. लेखक वही हो सकता है जो अच्छा पाठक हो.

प्राचार्या व आलोचक डॉ. किरण मिश्रा भारत की एक समकालीन महिला साहित्यकार एवं कवयित्री हैं.उन्होंने तजेंद्र सिंह लूथरा को उनके नये कविता संग्रह के लिए बधाई देते हुए पुस्तक से ‘अरबी घोड़ा’ कविता का वाचन किया. डॉ. किरण ने कहा ‘अरबी घोड़ा’ पढ़कर लगा आज का मनुष्य घनीभूत नियम से हटकर अपने नियम गढ़ना चाहता है.

माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, खंडवा में प्राध्यापक प्रताप राव कदम ने कहा कि तजेंद्र लूथरा की कविताएं दुख लिखने के लिए प्रेरित करती हैं.

प्रसिद्ध कवयित्री गगन गिल ने कहा कि बहुत लम्बे अरसे बाद कविता की किताब ने द्रवित किया. इन कविताओं ने मेरे अन्दर की मानवीयता का विस्तार किया हैं.

चर्चित कवि प्रयाग शुक्ल ने तजेन्द्र सिंह लूथरा के कविता संग्रह को सामाजिक जीवन के साधारण प्रसंग का संग्रह कहा.

Tags: Books, Hindi Literature, Hindi poetry, Hindi Writer, Literature

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Author: Up Head Line

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