
हाइलाइट्स
व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह के कुछ निश्चित भाव में बैठने पर ही यह दोष का निर्माण होता है.
मांगलिक व्यक्ति को प्रॉपर्टी संबंधी कई तरह की समस्याएं आती है.
Mangal Dosh : किसी भी व्यक्ति के जीवन में होने वाले उतार-चढ़ाव का कारण उसकी कुंडली में मौजूद ग्रहों नक्षत्रों की स्थितियों पर निर्भर करता है ज्योतिष शास्त्र मानता है कि कुंडली में मौजूद हर एक ग्रह का अपना एक स्थान और उसका लाभ होता है, लेकिन कभी-कभी किसी व्यक्ति की कुंडली में एक ग्रह की दशा भी खराब हो जाए तो उस व्यक्ति को कई तरह की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इसी क्रम में यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल की दशा खराब हो, तो मांगलिक दोष हो सकता है. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं, कुंडली में मांगलिक दोष कैसे बनता है, इसके लक्षण और उपाय क्या है.
कैसे बनता है कुंडली में मंगल दोष ?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह के कुछ निश्चित भाव में बैठने पर ही यह दोष का निर्माण होता है. मंगल ग्रह जब किसी व्यक्ति की कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होता है. तो मंगल दोष या मांगलिक दोष का निर्माण करता है. मंगल ग्रह की स्थिति दांपत्य जीवन के लिए अशुभ मानी जाती है, हालांकि यदि मंगल पर किसी शुभ ग्रह की दृष्टि पड़ती है, तो मंगल दोष का प्रभाव कुछ हद तक कमजोर हो जाता है.
मंगल दोष के प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष होता है. तो ऐसे व्यक्ति के विवाह में देरी होती है. शादी टूट जाती है, यदि विवाह हो भी गया तो जीवनसाथी से सामंजस्य नहीं बैठता. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि इसका कारण कुंडली के सातवें भाव को विवाह या वैवाहिक जीवन का माना जाता है, और इस भाव में मंगल का होना अशुभ होता है. यह मंगल की स्थिति पति और पत्नी के बीच अहम के टकराव, तनाव, झगड़े और तलाक आदि का कारण बनती है. इसके अलावा व्यक्ति पर कर्ज का बोझ बड़ता है. प्रॉपर्टी संबंधी कई तरह की समस्याएं आती है.
मांगलिक दोष के निवारण के उपाय
ज्योतिष शास्त्र बताता है कि यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मांगलिक दोष है. तो ऐसे व्यक्ति को विवाह के पहले कुंडली मिलान करना बहुत जरूरी होता है.
इसके अलावा मांगलिक दोष के प्रभाव को कम करने के लिए मंगल ग्रह की शांति का उपाय करना चाहिए.
प्रत्येक मंगलवार को व्रत रखें. हनुमान मंदिर में बूंदी का प्रसाद बांटे.
इसके साथ ही मंगलवार के दिन पूजा के समय हनुमान चालीसा सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें.
यदि संभव हो पाए तो मंगलवार के दिन लाल कपड़े धारण करें. हनुमान जी के मंदिर में लाल सिंदूर चढ़ाएं.
मंगल की शांति के लिए 3 मुखी रुद्राक्ष या मूंगा रत्न धारण करना शुभ होता है. रत्न धारण करने से पहले किसी ज्योतिष से सलाह अवश्य लें.
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FIRST PUBLISHED : May 15, 2023, 03:25 IST








