
हाइलाइट्स
आजकल छोटे बड़े सभी रेस्टोरेंट में बेबीकॉर्न से बनने वाली कई डिशेज उपलब्ध होती है.
बेबीकॉर्न की फसल को पूरी तरह से तैयार होने में मात्र 45 से 50 दिन का समय लगता है.
एक साल में किसान बेबीकॉर्न की 4-5 फसलें आराम से उगा सकते हैं.
नई दिल्ली. खेती में आजकल कई नए-नए प्रयोग हो रहे हैं. नई तकनीक के उपयोग से किसानों ने कई ऐसी फसलों को उगाने में भी कामयाबी हासिल कर ली है जो पहले यहां नहीं उगती थी. पिछले कुछ सालों में विशेष रूप से देश के शहरी इलाकों में कई विदेशी खाने-पीने की चीजों की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ी है. ऐसी ही एक चीज है बेबीकॉर्न. आजकल छोटे बड़े सभी रेस्टोरेंट में इससे बनने वाली कई डिशेज उपलब्ध होती है.
अगर आप भी खेती में नए प्रयोग करने से परहेज नहीं करते हैं तो आप बेबीकॉर्न की खेती शुरू कर सकते हैं. उत्तरी भारत के कई इलाकों में किसानों ने इसे उगाने का सफल ट्रायल कर लिया है और इसकी खेती से हर साल लाखों की कमाई कर रहे हैं. आइए जानते हैं आप इसकी खेती कैसे शुरू कर सकते हैं.
45-50 दिनों में तैयार हो जाती है फसल
बता दें कि बेबीकॉर्न की फसल को पूरी तरह से तैयार होने में मात्र 45 से 50 दिन का समय लगता है. इससे किसानों के लिए यह बड़े फायदे का सौदा हो सकता है. एक साल में किसान इसकी 4-5 फसलें आराम से उगा सकते हैं. बेबी कॉर्न के अंदर कई तरह के पौष्टिक गुण होते हैं. जिसमें प्रमुख रूप से बेबी कॉर्न के अंदर कार्बोहाइड्रेड, कैल्सियम, प्रोटीन और विटामिन होता है. वहीं इसे कच्चा या पका कर भी खाया जा सकता है.
चारा भी पशुओं के लिए होता है पौष्टिक
बेबीकॉर्न की खेती से किसानों को डबल फायदा मिलता है क्योंकि इसकी फसल निकलने के बाद बाकी बचे पौधे से पशुओं के लिए चारा तैयार किया जा सकता है. किसान इसका उपयोग हरे चारे के रूप में भी कर सकते हैं और इसे काटकर सूखने के बाद थ्रेसर से सूखा भूसा भी बनाया जा सकता है. चूंकि यह मक्के का ही एक रूप है और मक्के का चारा पशुओं के लिए बहुत पौष्टिक आहार माना जाता है. पशुओं को इसका चारा खिलाने से उनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता भी बढ़ती है.
इतनी होगी कमाई
एक एकड़ जमीन में बेबीकॉर्न की खेती करने पर कुल लागत करीब 80 हजार रुपये आती है. वहीं फसल बेचने के बाद इससे डबल इनकम आराम से हो जाती है. यानी कोई किसान एक एकड़ जमीन पर साल में चार बार भी बेबीकॉर्न की खेती करता है तो वह कम से कम 3 लाख रुपये आसानी से कमा सकता है. हालांकि, अभी इसकी बिक्री के लिए कोई व्यवस्थित सप्लाई चैन नहीं बनी है जिससे किसानों को इसे बेचने में थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है. लेकिन समय के साथ इसकी डिमांड और तेज होने वाली है, जिससे इसकी खेती करने वाले किसानों को तगड़ा फायदा हो सकता है.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|
Tags: Business ideas, Earn money, How to earn money, New Business Idea
FIRST PUBLISHED : May 14, 2023, 20:07 IST








