Vat Savitri Vrat 2023: वट सावित्री के दिन क्यों की जाती है बरगद के पेड़ की पूजा?

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धीरेन्द्र शुक्ला/चित्रकूट. हिंदू धर्म में बरगद के पेड़ का महत्व काफी बड़ा माना जाता है. इस पेड़ कि जो जड़े होती हैं वो काफी लंबी और दूर दूर तक फैली रहती है. कहा जाता है कि बरगद के पेड़ के नीचे भगवान का वास रहता है. इसीलिए बरगद के पेड़ का महत्व हिंदू धर्म में काफी बड़ा माना जाता है. बरगद के पेड़ के नीचे स्वयं भगवान शिव ने समाधि लगाकर बैठे थे. चित्रकूट के महंत श्री राकेश आनंद जी ने बरगद के पेड़ के बारे में कुछ खास जुड़ी हुई मान्यताओं के बारे में बताया.

चित्रकूट के महंत श्री राकेशानंद जी बताते हैं कि हिंदू धर्म की महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा साल में एक बार वट सावित्री के दिन करती हैं. इस व्रत का महत्व काफी बड़ा माना जाता है. इसीलिए हिन्दू धर्म की महिलाए पूजा करती है.

भगवान शिव ने पेड़ की नीचे किया तपस्या
चित्रकूट के महंत राकेशा नंद जी बताते है कि हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने भी वटवृक्ष के नीचे ही समाधि लगाकर तपस्या की थी. मार्कण्डेय को भगवान श्रीकृष्ण ने वटवृक्ष के पत्ते पर दर्शन दिए थे. देवी सावित्री भी अक्षयवट में निवास आज भीकरती हैं. इसलिए बरगद के पेड़ का महत्व और अधिक बड़ जाता है.

बरगद के पेड़ की कुछ खास बाते जानें
चित्रकूट के महंत श्री राकेश आनंद जी ने बताते है कि बरगद के पेड़ की जो लताएं और जड़े होती हैं काफी दूर-दूर तक जड़े फैल जाती हैं. साथ ही लताएं भी काफी लंबी लंबी लटकती रहती हैं. इसका मतलब साफ होता है कि जिस प्रकार बरगद में लताएं और जड़े फैलती है. वैसे ही पृथ्वी का विस्तार भी होता है. कलयुग में लोग जितना पाप करते हैं उतना पुण्य करना भी बेहद आवश्यक है. बरगद के पेड़ की खासियत आज भी देखी जा सकती है.

Tags: Vat Savitri Vrat

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Author: Up Head Line

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