
निखिल स्वामी/ बीकानेर. बीकानेर में वैसे को कई बावड़ियां हैं और इन बावड़ियों को लेकर खास मान्यता भी है. ऐसे में एक ऐसी बावड़ी है जिसका पानी कभी खत्म नहीं होता है और यह श्री यंत्र और अष्ट कोणीय नुमा आकृति से बनी है. इस अद्भुत बावड़ी की खासियत है कि इस बावड़ी में श्री यंत्र की आकृति भी बनी हुई है जिसका काफी प्रभाव रहता है.
लगातार 15 सालों से आ रहे प्रेमकुमार व्यास ने बताया कि इस बावड़ी में 35 सीढ़िया है और 22 फुट गहरी है.बावड़ी के ऊपर ही पाँच छतरियाँ बनी हैं, जिनमें दो संगमरमर की हैं. उनमें रासलीला के चित्र अंकित है. इस बावड़ी की सीढ़ियों पर बैठकर साधु संत तप करते है. इस बावड़ी की सीढ़ियों पर बैठकर तप करने पर काफी प्रभाव और सिद्धि प्राप्त होती है.
व्यास ने बताया कि यह बावड़ी को रघुनाथ सागर तालाब के नाम से जाना जाता है. इस तालाब का निर्माण 1696 में किया गया.इसे बीकानेर के प्रतिष्ठित मूँधड़ा परिवार की ओर से श्री गोपालजी के पौत्र रघुनाथ की पुण्य स्मृति में बनवाया गया. इसी कारण उस समय से यह रघुनाथसागर नाम से जाना जाता रहा है क्योंकि मूँधड़ा जाति ने इसका निर्माण करवाया, अतः इसे मूँधड़ों का तालाब भी कहा जाता था.पहले यहफूलनाथ का तालाब नाम से प्रसिद्ध हुआ.
आस पास के गांव इस बावड़ी से पानी लेने आते
व्यास ने बताया कि आस पास के कई गांव है जहां पानी नहीं होता था, ऐसे में वे इस बावड़ी से पानी भरकर ले जाते थे. यहां करमीसर, बच्छासर, छोटी नाल, सुजानदेसर, श्रीरामसर आदि इलाकों के हजारों लोग इस बावड़ी से पानी भरकर ले जाते थे.
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FIRST PUBLISHED : May 14, 2023, 16:01 IST









