
आदित्य आनंद/गोड्डा. हमारा देश कृषि प्रधान है. जहां आज भी 70 प्रतिशत आबादी खेती या पशुपालन पर आश्रित है. लेकिन गोड्डा में एक ऐसा गांव है जहां लोग एक खास जानवर को नहीं पालते हैं. इसके पीछे एक रोचक वजह भी है. दरअसल, बात हो रही है गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड अंतर्गत रामकोल गांव की.यहां कोई भी बकरी पालन नही कर सकता. 20-25 साल पहले गांव में पंचायत के माध्यम से इस पर रोक लगाई गई थी. तब से आज तक लोग इस फैसले का पालन कर रहे हैं.
गांव के लोगों ने आम सहमति से गांव में बकरी पालन पर रोक लगाई थी. यदि कोई बकरी पालन करते पकड़ा जाता है तो उससे 1500 रुपए जुर्माना वसूला जाता है. वहीं बकरी यदि किसी के खेत को चर जाए तू खेत के मालिक को अधिकार है कि वह बकरी को बेच सकता है या काट कर खा सकता है.
क्यों बना गांव में यह कानून ?
गांव के मो. कलीम, मो तनवीर, मो बकरुदीन ने बताया कि गांव के ज्यादातर लोग खेती बाड़ी करते है. इसी से उनका भरण-पोषण होता है. बकरी पालन से गांव में अक्सर लड़ाई झगड़ा हुआ करता था. बकरी किसी का फसल खा जाती तो विवाद हो जाता था. बकरी के फसल चर जाने से खेती भी प्रभावित हो रही थी. किसान को नुकसान हो जाता था. लिहाजा गांव के लोगों ने तय किया कि गांव में कोई भी बकरी पालन नहीं करेगा.
22 वर्षीय मो. मुजिम ने गांव में नहीं देखी बकरी
वहीं 22 वर्षीय मो. मुजिम ने बताया की उसने गांव में आज तक किसी को बकरी पालन करते नहीं देखा है. एक ओर जहां बकरी से किसान को नुकसान और विवाद हो रहा था. वहीं दूसरी ओर बच्चों का समय भी खराब होता था. पढ़ाई-लिखाई नहीं कर पाते थे. इसलिए गांव में बकरी पालन पर रोक लगा दिया गया. फिलहाल कोई भी बकरी पालन इस गांव में नहीं कर रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|
Tags: Godda news, Jharkhand news
FIRST PUBLISHED : May 11, 2023, 21:06 IST








