
आदित्य कुमार/ नोएडा. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में सिग्नेचर ब्रिज बन रहा है. दिल्ली एनसीआर का यह दूसरा केबल सस्पेंशन ब्रिज होगा. इस ब्रिज को जल्दी आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. उसके बाद दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में लोगों आना जाना आसान हो जाएगा. यह 5000 टन से भी ज्यादा वजनी ब्रिज सिर्फ तार पर टिका होगा. हालांकि ये तार कैसे झेलेगा इतना वजन?
परथला सिग्नेचर ब्रिज के प्रोजेक्ट इंजीनियर अमन ने बताया कि इस पुल का भार 5000 टन है. इस पर से कई वाहन और गुजरेंगे यानी उसका भी वजन इस पर पड़ेगा. इसके लिए इस केबल को खास तरह से बनाया गया है. यह हाई टेंशन स्ट्रैंड्स से बना हुआ है. उन तारों में तीन लेयर प्रोटेक्शन है जिससे से इसे कोरोजन फ्री बनाया जा सके. वैक्स लगाए गए हैं, ताकि पानी से बचाया जा सके. वहीं, प्लास्टिक कोटेड भी है.
एक स्ट्रैंड्स इतना उठाता है भार
अमन ने बताया कि इस सिग्नेचर ब्रिज में कुल 28 केबल लगे हैं जिस पर पूरा पुल टिका हुआ है. सभी केबल में एवरेज 28 स्ट्रैंड्स लगे हुए हैं. एक केबल 728 टन भार उठाने में सक्षम है. जबकि सभी 28 केबल 20384 टन ज्यादा भार उठाने में सक्षम हैं.
किया गया फटिक टेस्ट
अमन बताते हैं कि एक फटिक टेस्ट होता है जो हमने इस तार पर करवाया है. यह सिर्फ विश्व के पांच यूनिवर्सिटी में होता है जिसमें से एक टेक्निकल यूनिवर्सिटी वियना ऑस्ट्रिया हमने टेस्ट कराया है. इस टेस्ट में तार पर ज्यादा से ज्यादा भार से खींचा जाता है. गाड़ियां जब चलती हैं, तो प्रेशर कम और ज्यादा होता रहता है. इस तरह से यह पुल बनाया जा रहा है.
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FIRST PUBLISHED : May 11, 2023, 16:58 IST








