
सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या. सनातन धर्म में एकादशी के व्रत का काफी ज्यादा महत्व है. जेष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी के नाम से जानते हैं. इस बार अपरा एकादशी का व्रत 15 मई को रखा जाएगा. इस दिन श्री हरि विष्णु का विधि पूर्वक पूजा करने का विधान है.
इतना ही नहीं धार्मिक मान्यता के मुताबिक अपरा एकादशी का व्रत करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. इस दिन दान पुण्य करने का भी विशेष महत्व माना जाता है. अपरा एकादशी का व्रत करने से प्रेत योनि से भी मुक्ति मिलती है.
जानिए शुभ मुहूर्त
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस साल अपरा एकादशी का व्रत 15 मई को रखा जाएगा. इस एकादशी को अचला एकादशी भी कहा जाता है. ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के मुताबिक अपरा एकादशी के व्रत का शुभ मुहूर्त 15 मई सुबह 2:46 से शुरू होकर 16 मई 1:03 तक रहेगा, यानी 15 मई को अपरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा.
अपरा एकादशी के व्रत से मिलती है प्रेत योनि से मुक्ति
ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार इस साल के प्रत्येक माह में दो एकादशी पड़ती है. जिसमें एक शुक्ल पक्ष की एकादशी तो दूसरी कृष्ण पक्ष की एकादशी होती है. साल में कई एकादशी व्रत का त्यौहार मनाया जाता है. सबका अपना अलग इतिहास है अलग मान्यता है. लेकिन लगभग सभी एकादशी में श्री हरि विष्णु की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना की जाती है. 15 मई को अपरा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. जिनके पूर्वज प्रेत योनि में भटकते हैं. खासकर उनको अपरा एकादशी का व्रत रखना चाहिए. इससे उनके पुत्रों को शांति मिलती है. इतना ही नहीं नाना प्रकार के जीवन मे आए कष्टों से भी मुक्ति मिलती है.
नोट: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र द्वारा आधारित है न्यूज़ 18 इसकी पुष्टि नहीं करता है
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FIRST PUBLISHED : May 11, 2023, 16:53 IST








