
सौरभ तिवारी/गोपालगंज. खान-पान के मामले में बिहार का गोपालगंज जिला बेहद खास है. यहां एक-एक से लजीज व्यंजन खाने को मिलते हैं. जिसका स्वाद अन्य जगहों से काफी अलग होता है. ऐसे हीं एक चटपटे व्यंजन के बारे में बताने जा रहा हूं. जिसका नाम सुनते हीं मुंह में पानी आएगा. यह व्यंजन बेहद आसानी से मिल जात है. लेकिन कुछ खास दुकानदार अपने हुनर से इसे खास बना देते हैं. चटपटे प्याजू को सभी लोग पसंद करते हैं. अगर आप गोपालगंज में है और प्याजू खाने का मन कर रहा है तो बस शहर के पोस्ट ऑफिस चौक पर पहुंच जाइए. यहां आपको मिल जाएगा अजय साह के स्पेशल प्याजू की दुकान. जहां प्याजू खाने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है.
प्याजू बनाने वाले अजय साह ने बताया कि गोपालगंज शहर के पोस्ट ऑफिस चौक पर पिछले दस वर्षो से ठेले पर हीं दुकान चला रहे हैं. उन्होंने बताया कि शुद्ध चने का बेसन एवं सरसों तेल में प्याजू बनाते हैं. लोगों को खाने में बिल्कुल घर जैसा स्वाद लगता है.जो भी एक बार यहां आकर प्याजू खा लेता है वे बार-बार आते हैं. प्याजू बनाने के लिए कभी क्वालिटी से समझौता नहीं किया. यही वजह है कि जब से ठेला पर दुकान चलाना शुरू किया है तब से लोग खाने के लिए आते हैं. अजय ने कहा कि गोपालगंज शहर में वैसे तो कई पकोड़े की दुकान है, लेकिन जो प्याजू वह तैयार करता है वह कोई नहीं कर पाता है. अपनी मेहनत और इमानदारी से शुद्धता का ख्याल रखते हुए ग्राहकों के दिल में जगह बनाने में कामयाब हुए हैं. पोस्ट ऑफिस चौक पर कचहरी के ठीक बगल में अजय के प्याजू का दुकान है जो चर्चा का विषय का बना रहता है. जो भी लोग कचहरी आते हैं अजय के हाथ से बने प्याजू खाये बगैर नहीं जाते हैं.
रोजाना 8 हजार तक के प्याजू की हो जाती है बिक्री
अजय साह ने आगे कहा कि सुबह से शाम तक प्याजू खाने के लिए लोग आते हैं. उन्होंने बताया कि खुद से चना का बेसन तैयार करते हैं. जिससे प्याजू के स्वाद में कोई अंतर नहीं आता है.अजय ने बताया कि प्याजू बनाने के लिए पहले प्याज को काटकर तैयार करते हैं. उसमें बेसन के साथ कई प्रकार के घर पर तैयार मसाले को मिलाते हैं. उसमें स्वादानुसार नमक, हींग, मंगरेला, अजवाइन और हरी मिर्च डालकर सभी को मिस्क करते हैं. उसके बाद कढ़ाई में तेल डालकर गर्म करते हैं और एक बार हल्का फ्राई करते हैं. उसके बाद उसे हाथ से दबाकर पूरी तरह से तेल में डालकर तैयार करते हैं. उसके बाद लोगों को चटपटी चटनी की के साथ लोगों को परोसते हैं. ग्राहकों को पांच रूपए प्रति पीस के हिसाब से प्याजू खिलाते हैं. सुबह से शाम तक चलने वाली इस दुकानदारी में रोजाना 7 से 8 हजार तक की बिक्री हो जाती है. सब खर्च काटकर रोजाना 3 से चार हजार की बचत हो जाती है. वहीं अजय के दुकान पर प्याजू खाने आए पुनीत कुमार एवं रत्नेश कुमार ने बताया कि इनके प्याजू का कोई जबाब नहीं है. बेहद स्वादिष्ट होता है. खास बात यहा है कि मसालों का जो मिश्रण करते हैं वह काफी नपा-तुला होता है. जो स्वाद को बेहतरीन बनाता है.
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FIRST PUBLISHED : May 09, 2023, 16:05 IST








