नारियल में पानी ज्यादा है या मलाई? ये है पहचानने का बेस्ट तरीका, नहीं ठग पाएगा ठेले वाला!

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गर्मी के सीजन में कच्चे नारियल का पानी सेहत के लिए हेल्दी होता है. इसमें कई तरह के न्यूट्रीएंट पाए जाते हैं जो हमारी बॉडी को डिहाइड्रेट रखते हैं. पेट के लिए भी नारियल का पानी काफी फायदेमंद होता है. इसमें सोडियम, पोटैशियम, मैग्नेशियम और कैल्शियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स मिलते हैं. ये हमारी प्यास बुझाने के लिए कारगर होते हैं. इससे बॉडी को इंस्टैंट एनर्जी भी मिलती है. लेकिन, समस्या यह है कि नारियल आमतौर पर रोड किनारे ठेले पर बेचे जाते हैं. ये सीधे पेड़ से तोड़कर लाए गए होते हैं. इस पर कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती. इसका कोई बैच नंबर नहीं होता और न ही कोई एमआरपी होती है.

ऐसे में ज्यादा पानी वाले एक नारियल को पहचानना एक चुनौती है. आप इसे एक्सपायरी डेट या बैच नंबर से नहीं पहचान सकते. इतना ही नहीं बाजार में ठेलों पर जो नारियल बेचे जाते हैं उनके साइज भी अलग-अलग होते हैं. जब आप नारियल खरीदते हैं तो ठेले वाला आपस पूछता भी है कि पानी वाला चाहिए या मलाई वाला. लेकिन, कई बार पानी के नाम पर जो वह नारियल देता है उसें पानी की मात्रा बहुत कम रहती है. एक औसत कच्चे नारियल में 300 से 350 ग्राम पानी होना चाहिए. लेकिन, कई बार पानी के नाम पर ठेले वाले द्वारा थमाए गए नारियल में बहुत कम पानी निकलता है. फिर आपका मन झल्ला जाता है. ऐसे में हम आपको ज्यादा पानी वाले नारियल पहचानने के कुछ टिप्स बताते हैं. इन टिप्स के जरिए आप 99 फीसदी मौकों पर सही साबित होंगे.

टिप्स नंबर-1
सबसे पहले आप औसत साइज के नारियल चुने. ज्यादा बड़ा या ज्यादा छोटा नहीं. यह न सोचें कि बड़ा नारियल होने पर उसमें पानी ज्यादा होगा. ऐसा नहीं होता. बड़ा होने पर उसके पके यानी शख्त हो जाने की संभावना ज्यादा होती है. इससे उसमें मलाई बनने की भी संभावना बढ़ जाएगी और जब नारियल में मलाई बनता है तो स्वतः उसमें पानी की मात्रा कम हो जाती है. क्योंकि पानी से मलाई का निर्माण होता है. यह नारियल का नेचुरल गुण है. ऐसे में औसत आकार का नारियल चुनें.

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टिप्स नंबर-2
औसत आकार के नारियल को अपने कान के पास ले जाकर हिलाएं. उसमें पानी के छलकने की आवाज आ रही हो तो उसे न लें. जिस नारियल से पानी के छलकने की आवाज न आए उसे ही खरीदें. दरअसल, जब नारियल से पानी के छलकने की आवाज आती है तो उसका मतलब यह है कि उसमें मलाई बनने लगी है. पानी कम हो गया है. इस कारण पानी के छलकने के लिए जगह बन गई है. दूसरी तरफ, अगर उससे आवाज नहीं आती है तो इसका मतलब यह है कि नारियल पूरी तरह से पानी से भरा हुआ है. उसमें पानी के छलकने के लिए जगह नहीं है.

टिप्स नंबर-3
नारियल का चुनाव करते समय उसके रंग का विशेष ध्यान रखें. नारियल हरा और ताजा होना चाहिए. वह जितना अधिक हरा होगा, उसमें पानी की अधिक मात्रा की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी. नारियल पर भूरा रंग का पैच नहीं होना चाहिए. ऐसे में आप भूरे, पीला-हरा और हरा-भूरे रंग वाले नारियल का चुनाव न करें.

Tags: Health tips

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Author: Up Head Line

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