कल संकष्टी चतुर्थी, इस व्रत को करने से होते हैं 4 फायदे, 12 माह की चौथ में मानी जाती है सबसे बड़ी

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हाइलाइट्स

हिंदू पंचाग के अनुसार, चतुर्थी को खला तिथि बताया गया है.
माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी, माघी चतुर्थी या तिल चौथ कहा जाता है.

Sankashti Chaturthi Vrat : सनातन धर्म में हर मांगलिक और शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. उनकी पूजा का विशेष फल प्राप्त करने के लिए चौथ तिथि सर्वोत्तम मानी गई है. 8 मई 2023 को संकष्टी चतुर्थी है. चौथ तिथि की दिशा नैऋत्य मानी जाती है. हर माह जब भी अमावस्या तिथि के बाद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. वहीं पूर्णिमा तिथि के बाद आने वाले कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. इसी क्रम में माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी, माघी चतुर्थी या तिल चौथ कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 12 महीने में आने वाली सभी चतुर्थी में ये चौथ सबसे बड़ी मानी जाती है. इस व्रत को करने के 4 फायदे बता रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

दिन के अनुसार तिथि का महत्व

हिंदू पंचाग के अनुसार, चतुर्थी को खला तिथि बताया गया है. इस तिथि को ‘रिक्ता संज्ञक’ कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है. इसी क्रम में यदि गुरुवार के दिन चतुर्थी पड़ रही है तो वो मृत्युदा होती है और शनिवार के दिन पड़ने वाली चतुर्थी सिद्धिदा कहलाती है और चतुर्थी के ‘रिक्ता’ होने का दोष ऐसी विशेष स्थिति में करीब-करीब खत्म ही हो जाता है. पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार साल में 13 व्रत संकष्टी चतुर्थी के रखे जाते हैं. हर एक व्रत के लिए अलग व्रत कथा बताई गई है.

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संकष्टी चतुर्थी व्रत के 4 फायदे

1. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संकष्टी चतुर्थी का अर्थ होता है संकट को हरने वाली चौथ. इस दिन भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा करने पर सारे दुखों का नाश होता है. जो भी व्यक्ति संकष्टी चतुर्थी का व्रत करता है उसकी हर समस्या खत्म हो जाती है.

2. संकष्टी चतुर्थी का व्रत पूरे नियमों और विधि विधान से करने पर संकट से मुक्ति तो मिलती ही है इसके अलावा मनुष्य को धन लाभ भी होता है.

3. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करते हैं उनके घर से नकारात्मकता प्रभाव दूर होता है और घर में शांति, सुख समृद्धि बनी रहती है.

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4. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखता है भगवान गणेश उनके घर में आने वाली हर विपदाओं को दूर करते हैं और व्यक्ति की हर मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं.

इस मंत्र के साथ भगवान गणेश को दूर्वा करें अर्पित

‘श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि।’

Tags: Dharma Aastha, Ganesh Chaturthi, Lord ganapati, Religion

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Author: Up Head Line

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