मणिपुर हिंसा: ‘वोटर ठगा महसूस कर रहे’, शशि थरूर ने साधा BJP पर निशाना, कहा- राज्य में राष्ट्रपति शासन लगे

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हाइलाइट्स

थरूर ने मणिपुर में खूनी झड़पों को लेकर BJP पर निशाना साधा.
थरूर ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की.
थरूर ने दावा किया कि हिंसा से मणिपुर के वोटर ‘घोर विश्वासघात’ महसूस कर रहे हैं.

नई दिल्ली. कांग्रेस के नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने मणिपुर (Manipur) में आदिवासियों और प्रभावशाली मेइती समुदाय (Meitei community) के लोगों के बीच खूनी झड़पों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है. थरूर ने हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर के राज्य में राष्ट्रपति शासन (President’s rule) लगाने की मांग की है. थरूर ने दावा किया कि हिंसा के प्रकोप को देखते हुए भाजपा को सत्ता में वापस लाने के एक साल बाद मणिपुर के वोटर ‘घोर विश्वासघात’ महसूस कर रहे हैं. गौरतलब है कि 3 मई को इम्फाल घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी इलाकों में रहने कुकी समुदाय के बीच झड़पें शुरू हुईं थीं.

इस हिंसा में हथियारबंद लोगों की भीड़ ने गांवों पर हमला किया, घरों में आग लगा दी और दुकानों में तोड़फोड़ की. इसके कारण सरकार को मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू करने के लिए बाध्य होना पड़ा. इस घटना पर अपनी टिप्पणी करते हुए थरूर ने ट्विटर पर लिखा कि ‘जैसा कि मणिपुर में हिंसा जारी है, सभी सही सोच वाले भारतीयों को खुद से पूछना चाहिए कि जिस सुशासन का वादा किया गया था, उसका क्या हुआ. मणिपुर के वोटर अपने राज्य में भाजपा को सत्ता में लाने के एक साल बाद घोर विश्वासघात महसूस कर रहे हैं. यह राष्ट्रपति शासन का समय है, राज्य सरकार उस काम के लिए तैयार नहीं है जिसके लिए उन्हें चुना गया है.’

मणिपुर क्यों जल रहा है?
मणिपुर हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes-ST) की सूची में शामिल करने के अनुरोध पर चार हफ्ते के भीतर विचार करे. हाईकोर्ट ने कहा कि इसके लिए सिफारिश को केंद्र के पास विचार के लिए भेजा जाए. मेइती को एसटी कैटेगरी में शामिल करने के कदम के विरोध में कुकी संगठनों ने बुधवार को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ निकाला. इस मार्च के बाद हिंसा भड़क गई. हिंसा के बाद सेना, असम राइफल्स, अर्धसैनिक बलों को हिंसा प्रभावित राज्य में भेजा गया और स्थिति अब नियंत्रण में है. अधिकारियों ने मणिपुर में कम से कम 54 लोगों की मौत होने और 150 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही है.

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कर्फ्यू में ढील
हिंसा प्रभावित मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में लागू कर्फ्यू में रविवार सुबह तीन घंटे की ढील दी गई, ताकि लोग दवा और भोजन जैसे जरूरी सामान खरीद सकें. सीआरपीसी की धारा 144 के तहत लगाए गए कर्फ्यू में सुबह सात बजे से सुबह 10 बजे तक ढील दी गई. दूसरी ओर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्य में शांति लाने के तरीकों पर चर्चा के लिए शनिवार को इंफाल में एक आपातकालीन सर्वदलीय बैठक की. बैठक में जमीनी स्तर पर शांति पहलों को लागू करने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में एक शांति समिति बनाने का संकल्प लिया गया.

Tags: BJP, Manipur News, President of India, SHASHI THAROOR

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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