Karauli News: 18 बीघा खेत में लगा डाले 2 हजार आंवले के पौधे, अब 3 साल बाद होगा 50 लाख रुपये का मुनाफा!

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मोहित शर्मा/करौली. पूर्वी राजस्थान के करौली में किसान अब समय के साथ खेती में नए-नए प्रयोग करने लगे हैं. परंपरागत खेती को छोड़ खेती में नई चीज़ों से ना केवल किसान अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं. बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक भी बने हुए हैं. खेती के इन्हीं नित नए नवाचारों से प्रेरणा ली है माढ़ई गांव के एक किसान ने. कई सालों से परंपरागत खेती से जूझ रहे इस किसान ने अपने पास के गांव में दोस्त के यहां आंवले की बागवानी को देखकर और उसकी आय से प्रभावित होकर नया प्रयोग किया. सालों से गेहूं और सरसों की पैदावार करने वाली अपनी 18 बीघा जमीन पर आंवले के 2000 पौधे लगा दिए.

कई सालों से परंपरागत खेती करते आ रहे किसान विजय मीणा का कहना है कि परंपरागत खेती से उनके घर खर्च के लिए भी पैसे नहीं निकल पाते थे और कड़ी मेहनत के बावजूद भी अच्छी आमदनी नहीं हो पाती थी. इसी वजह से पास के गांव में आंवले के बगीचे को देख उन्होंने भी अपनी आमदनी 4 गुना करने के लिए चित्तौड़गढ़ से दो हजार आंवले के पौधे मंगवाकर अपनी 18 बीघा जमीन में लगा दिए. 2 साल पहले लगाए गए यह आंवले के पौधे अब तीसरी साल में फल देना भी शुरू कर देंगे.

देशी खाद देकर, ड्रिप माध्यम से करते हैं पौधों की सिंचाई
किसान विजय मीना के मुताबिक वह अपनी 18 बीघा जमीन में लगे दो हजार आंवले के पौधों की सिंचाई ड्रिप तकनीक के माध्यम से हर एक पौधे की करते हैं. दो हजार आंवले के पौधों की वृद्धि अच्छी होने के लिए वह देसी जैविक खाद का उपयोग करते है. साथ ही पौधों को दीमक से बचाने के लिए समय-समय पर दवाई का भी छिड़काव करते है.

आंवले की खेती में कम पानी से हो जाती है पूर्ति
किसान विजय सिंह मीणा का कहना है आंवले की खेती से पहले उन्हें गेहूं और सरसों की खेती में पानी की भी बहुत अधिक आवश्यकता पड़ती थी. इसलिए पानी की कमी के कारण हमें हमेशा परंपरागत खेती में नुकसान झेलना पड़ता था. इसी कारण हमने अब परंपरागत खेती को छोड़ आंवले की खेती शुरू की है. जिसके लिए पानी की भी आवश्यकता पेड़ के विकसित होने के बाद बहुत कम मात्रा में पड़ती है.

अगले साल से 50 लाख का होगा मुनाफा
किसान विजय सिंह के अनुसार आंवले का पौधे लगाने के 3 साल बाद फल देने शुरू कर देता है और 5 साल बाद तो बंपर मात्रा में फल देता है. उनके द्वारा 18 बीघा जमीन में लगाए गए 2000 पौधे भी आने वाले तीसरे साल में फल देना शुरू कर देंगे. जिसके बाद उनकी सालाना इनकम 40 से 50 लाख रुपए के बीच शुरू हो जाएगी.

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FIRST PUBLISHED : May 06, 2023, 12:14 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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