
शक्ति सिंह/कोटा. कोटा शहर से 35 किलोमीटर दूर सुल्तानपुर गांव में आई एक बारात की चर्चा हर तरफ हो रही है. शादी में दूल्हा एक पुलिस वाला था. दूल्हा मुकेश मीणा ने अपने विवाह उत्सव के अवसर पर अपने ससुराल पक्ष से दहेज नहीं लेकर एक मिसाल पेश की है. बिना दहेज के शादी की ससुराल पक्ष से केवल एक रुपया और नारियल लेकर दुल्हन को विदा कराकर घर लाया. दूल्हे की इस फैसले की अब सब तरफ तारीफ हो रही है.
ग्राम जैतपुर निवासी मुकेश मीना ( पुलिस कांस्टेबल) और दुल्हन सुमन कुमारी का विवाह समारोह सम्पन्न हुआ. जिसमें दूल्हे पक्ष के मुकेश मीणा (वर), दूल्हे के बड़े भाई नरेश मीणा और इनके पिता साबू लाल ने दुल्हन पक्ष से दहेज के रूप में कोई भी राशि और दहेज सामग्री को अनुचित मानते हुए नहीं लेने का फैसला किया. साथ ही दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या और नशे जैसी बुराइयों का विरोध किया. शादी शगुन के रूप में मात्र 1 रुपये और नारियल लेकर शादी सम्पन्न हुई.
नहीं लिया दहेज
दूल्हे मुकेश मीणा ने बताया कि शादी से पहले ही उन्होंने दुल्हन पक्ष के सभी परिजनों से दहेज नहीं लेने की बात कही थी. लेकिन फिर भी शादी के दिन दुल्हन पक्ष के परिजनों के द्वारा अपनी पुत्री को कन्यादान देने के बहाने जो भी वस्तु है दहेज के रूप में लाई गई, उन्हें मुकेश मीणा को उनके परिजनों के द्वारा दहेज प्रथा के खिलाफ कोई भी सामान नहीं ले जाने की बात कही. दहेज के नाम पर कुछ नहीं लिया शगुन के नाम पर 1 रुपया और नारियल से विवाह संपन्न कराया.









