
हाइलाइट्स
‘एआई से मानवता के अस्तित्व पर हो सकता है खतरा’
मस्क और ऐपल के सह-संस्थापक जता चुके हैं चिंता.
मो गॉडक एक कंपनी के चीफ एआई ऑफिसर हैं.
नई दिल्ली. गूगल एक्स के पूर्व चीफ बिजनेस ऑफिसर और मार्केटिंग एजेंसी फ्लाइट स्टोरी के चीफ एआई ऑफिसर मो गॉडट (Mo Gawdat) ने एआई को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं. उन्होंने पॉडकास्ट होस्ट स्टीवन बार्लेट के साथ ‘डायरी ऑफ अ सीईओ’ नाम पॉडकास्ट में कहा कि जिन लोगों ने अपनी बच्चे नहीं किए हैं उन्होंने कुछ और समय के लिए इसे टाल देना चाहिए. उन्होंने कहा कि एआई की एडवांसमेंट के कारण भविष्य में कई तरह के खतरे में हैं.
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अर्थव्यवस्था, भू-राजनीति, ग्लोबल वॉर्मिंग और एआई से संबंधित अनिश्चितताएं एक साथ मिलकर कई तरह के खतरे पैदा कर रही हैं. बकौल गॉडट क्या ऐसे उथल-पुथल वाले समाज में किसी बच्चे को लाना ठीक होगा? गौरतलब है कि गॉडट ने यह बात तब कही जब कुछ दिन पहले ही उन्हें मार्केटिंग एजेंसी फ्लाइट स्टोरी का मुख्य एआई अधिकारी बनाया गया है. उन्होंने कहा कि मानवता के सामने अबतक की सबसे बड़ी चुनौती है. उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास का सर्वोच्च स्तर है जो भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगी.
एआई पर नहीं कंट्रोल
उन्होंने यह भी कहा है कि अब स्थिति ऐसी आ गई है कि डिजिटल इंटेलिजेंस इस हद तक आगे बढ़ चुकी है कि अब वह खुद से फैसले कर रही है. बकौल गॉडट इंसान अब बस उनसे अपील कर सकते हैं पूरी तरह से नियंत्रित नहीं. उनका मानना है कि इस बदलती परिस्थिति पर इंसानों को करीब से नजर रखनी होगी. अगर लापरवाही बरती गई तेजी से बढ़ते प्रोद्योगिक परिदृश्य में इंसान पीछे छूट जाएंगे.
मस्क भी जता चुके हैं चिंता
यह पहली बार नहीं है जब किसी टेक एक्सपर्ट ने एआई को लेकर इस तरह की बात कही है. इससे पहले टेस्ला प्रमुख एलन मस्क और ऐपल के को-फाउंडर स्टीव वॉजनियाक भी इस तरह की बात कर चुके हैं. दोनों ने एक ओपन लेटर पर हस्ताक्षर करते हुए अपील की थी कि एआई के क्षेत्र में और इनोवेशन को कम-से-कम 6 महीने के लिए रोक दिया जाए. उनका तर्क था कि लोगों को इस नए बदलाव को समझने का पर्याप्त समय मिलना चाहिए. चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपएआई के संस्थापक सैम ऑल्टमैन ने भी कहा है कि एआई मानवता के लिए खतरा पैदा कर सकती है.
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Tags: Artificial Intelligence, Business news in hindi, Technology
FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 11:46 IST









