
सौरभ वर्मा/रायबरेली. कहते हैं कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती बड़ी से बड़ी बाधा प्रतिभावान को आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती. ऐसा ही कुछ कर दिखाया रायबरेली एक लाल ने जिसे सुनकर आप भी उसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा जरूर करेंगे. जी हां रायबरेली के एक युवक ने अपनी प्रतिभा के दम पर दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ग्रामीण खेल महाकुंभ में स्वर्ण पदक जीत कर अपने परिवार के साथ ही पूरे यूपी का नाम रोशन किया है.
वह इस खेल महाकुंभ में अपना जलवा बिखेरने के बाद अब सात समंदर पार इंग्लैंड में अपनी हुनर प्रदर्शित करने को तैयार है . आपको बताते चलें कि रायबरेली जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित महाराजगंज तहसील क्षेत्र के अजीजगंज गांव के रहने वाले माता प्रसाद मौर्य के छोटे बेटे योगेश मौर्य की 8 वर्ष की आयु से ही खेल के प्रति काफी गहरी रूचि थी. जिससे उसने पढ़ाई के साथ ही खेल प्रतियोगिताओं में शुरुआत से ही हिस्सा लेना शुरू कर दिया
आर्थिक स्थिति नहीं रोक पाई रास्ता
योगेश बताते हैं कि उन्होंने कई बार जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में भी प्रतिभा के जिसमें वह दूसरे स्थान पर रहे इसके बाद जनवरी 2023 में मथुरा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. जिसमें 100 मीटर दौड़ व शॉट पुट में गोल्ड मेडल जीता जिसके बाद अप्रैल 2023 में नेपाल में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए योगेश का बुलावा आया. लेकिन घर की आर्थिक स्थिति सही ना होने की वजह से वह नेपाल नहीं जा सके फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और मई 2023 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की ग्रामीण खेल महाकुंभ प्रतियोगिता में 100 मीटर की दूरी 11 सेकेंड में पूरी कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया और लंबी कूद में रजत पदक से ही उन्हें संतोष करना पड़ा.
पिता की मांग क्षेत्र में स्टेडियम का हो निर्माण
योगेश के पिता माता प्रसाद ने बताया कि एक पिता के लिए उसके पुत्र को इतनी बड़ी उपलब्धि मिलना इससे बड़ी गर्व की बात और क्या हो सकती है. इसलिए हम सब बड़े खुश हैं. लेकिन सरकार से मांग करते हैं कि क्षेत्र के युवाओं के लिए क्षेत्र में स्टेडियम बनवाया जाए. जिससे युवा अपनी प्रतिभा को निखार सके और देश विदेश में क्षेत्रवाद जनपद का नाम रोशन कर सके.
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FIRST PUBLISHED : June 06, 2023, 18:47 IST








