
नरेश पारीक/ चूरू. शहर में इन दिनों गुजरात और यूपी से बिकने आए मिट्टी के रंग-बिरंगे बर्तन हर किसी को अपनी और आकर्षित कर रहे हैं. शहर की कलक्ट्रेट रोड़ पर सड़क किनारे फुटपात पर लगी ये मिट्टी के बर्तनों की दुकान अपने आप मे खास है जहां रखे सभी आईटम मिट्टी और चीनी मिट्टी के है इसके साथ ही यहां मकराना के मार्बल के आईटम भी अपनी और आकर्षित कर रहे हैं.
मिट्टी के बर्तनों की दुकान लगाने वाले ओमप्रकाश प्रजापत बताते हैं कि घरो में अमूमनमिट्टी के बर्तनविलुप्त होने की वजह आज कल के जमाने में इस्तेमाल किए जाने वाले स्टील, एल्युमीनियम और नॉन स्टीक के बर्तन है. जिन्होंने धीरे धीरे अपनी जगह लगभग हर घर में ही बना ली है.और कुछ एक शौकीन लोग उनके यहां से मिट्टी के बर्तन खरीदने आते हैं.प्रजापत बताते हैं उनके यहां मिट्टी की पानी की बोतल,परात, कुकर,कड़ाई,गिलास मिट्टी के गुजराती मटको के साथ ही चीनी मिट्टी के कप,प्लेट,गमले,अचार के मरतबान, हांडी, फ्लोर पॉट और मार्बल के मंदिर, गमले,भगवान की प्रतिमा,सिहासन,मार्बल की घड़ी,लैम्प लोगो द्वारा काफी पसंद किए जा रहे हैं.
सेहत के लिए फायदेमंद
राजकीय भरतिया अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर राजेश भूकर बताते हैं किमिट्टी के बर्तन में खाना पकाने से लेकर उसमें खाने से एक दो नहीं बल्कि अनेकों लाभ है. डॉक्टर भूकर बताते हैंमिट्टी के बर्तन में खाना पकाने से इसका स्वाद बिल्कुल बदल जाता है. मिट्टी की प्रकृति क्षारीय होती है, इसलिए जब इनमें खाना पकाते हैं तो उसका स्वाद पकवान में आ जाता है.
इसके अलावा मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने से उनमें आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज मिल जाते हैं. जिसकी वजह से शरीर को कई प्रकार के पोषण मिलते है.डॉक्टर भूकर बताते हैं कि मिट्टी के बर्तन में खाना बनाते समय कम तेल लगता है. मिट्टी के बर्तन में खाना पकाते हैं तो खाने में मौजूद नेचुरत तेल और नमी को बर्तन बरकरार रखने में मदद करता है. इसलिए यह दिल के लिए फायदेमंद है.








