
नई दिल्ली. बीएसएफ की 120 बटालियन द्वारा विशेष ट्रेन में जवानों के साथ ही 23 खरगोश, 21 भेड़, 20 मुर्गे, आठ पक्षी, तीन कुत्ते, दो बत्तख और एक बकरी को एफटीआर मुख्यालय बीएसएफ त्रिपुरा के फटिकचेरा से एफटीआर मुख्यालय बीएसएफ जम्मू के तहत आरएस पुरा लाया गया था. इसे टाला जा सकता था. इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ और साथ ही मैन पॉवर और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है. इस संबंध में News18 द्वारा एक्सेस किए गए एक आधिकारिक आदेश में कई अहम बातें कहीं गई है. मामले की जांच की मांग की गई है.
सरकारी आदेश में कहा गया है कि इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ और साथ ही मैन पॉवर और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है. हालांकि इस पर सेना के प्रवक्ता और आईजी जम्मू ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. जांच रिपोर्ट 4 जून तक सौंपनी थी. जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि भेड़, बकरी, खरगोश, बत्तख, कुत्ते, पक्षी और चिकन को सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ एक विशेष ट्रेन में त्रिपुरा से जम्मू-कश्मीर ले जाया गया. मामले की जांच की मांग की गई है.
सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप
बयान में कहा गया है कि यह ‘अतिरिक्त भार का बोझ था’ और बल का खर्च बढ़ा दिया; जिसे टाला जा सकता था. इस तरह विवेकपूर्ण कार्रवाई की गई, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ और साथ ही मैन पॉवर और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हुआ. सूत्रों के अनुसार सीनियर्स, पशुओं को ट्रेन में ले जाने पर अड़े हुए थे और उन्हें लोड करने के लिए अतिरिक्त श्रमशक्ति तैनात कर रहे थे. इधर, जांच शुरू करने के आदेश में कहा गया है कि अतिरिक्त मेन पॉवर जिसका उपयोग ‘अच्छे उद्देश्य’ के लिए किया जा सकता था, का दुरूपयोग पशुधन को बनाए रखने और पालने के लिए किया गया था, जो “प्रशिक्षित सीमा पुरुषों का दुरुपयोग और उनकी गरिमा को कम करने” के समान है.
एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए विशेष ट्रेन
बड़ी संख्या में सैनिकों को एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने के लिए अर्धसैनिक बलों को विशेष ट्रेनें प्रदान की जाती हैं. जम्मू और कश्मीर जैसी जगहों पर, बलों को ऐसी व्यवस्था के लिए कई स्वीकृतियों की आवश्यकता होती है. ट्रेन के अंदर पशुओं की सुरक्षा के लिए उच्च प्रशिक्षित बीएसएफ जवानों को तैनात किया गया था.
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Tags: BSF, Special Train
FIRST PUBLISHED : June 05, 2023, 16:15 IST








