
नरेश पारीक/चूरू. राजस्थान के चूरू में एक नायाब भेड़ का बच्चा (मिंडा) इन दिनों चर्चा में है. इस मिन्डे कि चर्चाएं गांव ही नही बल्कि आस-पास के जिलों में भी है. जिसके चलते यह मिंडा (भेड़ का बच्चा) ग्रामीणों में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. आपको जानकर ये हैरानी होगी कि अमूमन 8 से 10 हजार रुपये में बिकने वाले इस मिन्डे की अब तक 1 करोड़ रुपये की बोली लग चुकी है. और उससे भी दिलचस्प बात ये है कि इस मिन्डे का मालिक चरवाहा फिर भी इसे बेचने को तैयार नही है.
दरसल पिछले करीब 25 वर्षो से चरवाहे का काम कर रहे राजूसिंह को भी ये पता नहीं था कि अक्सर वह हर रोज जिन बकरी और भेड़ को चराने जाते हैं एक दिन वही भेड़ और बकरी उसके लिए नायाब बन जाएंगे. चरवाहे राजूसिंह बताते है उनके यहां करीब एक साल पहले एक मादा भेड़ ने नर भेड़ के बच्चे को जन्म दिया था और आज उसी नर भेड़ के बच्चे की बोली लोगो ने 70 लाख से शुरू की और एक करोड़ रुपये तक लगा दी. बावजूद इसके चरवाहा राजूसिंह इसे बेचने को तैयार नही है.
उर्दू में लिखा है मिन्डे के पेट पर
चरवाहा राजूसिंह बताते हैं कि मिन्डे के पेट पर उर्दू में कुछ लिखा हुआ है. जिसे वह भी नही समझ पाए जिसके बाद उन्होंने गांव के कुछ मुस्लिम समाज के बड़े बुजुर्गों को दिखाया तो उन्होंने मिन्डे को अहम बताया. मिन्डे के पट पर जो कुछ भी लिखा है उसे लोग इस्लाम से जोड़ कर देख रहे हैं, राजूसिंह ने बताया जिसके बाद से इस मिन्डे की कोई 70 लाख बोली लगा रहा है तो कोई एक करोड़ रुपए. राजूसिंह बताते है अब दो करोड़ रुपये तक वह इस मिन्डे को बेचेंगे.
यह है डाइट
जब से इस मिन्डे कि लाखों,करोड़ो रुपये लगे हैं. जिसके बाद से इसकी जिंदगी बदल गयी और समूह के रहने वाले अन्य मिन्डों से इसे अलग रखा जाने लगा और इसके खान-पान का ख्याल रखा जा रहा है. इसे अनार, पपीता, बिंदोला, बाजरा और हरी सब्जियां खिलाई जा रही है. करोड़ो में कीमत लगने के बाद इस मिन्डे कि सुरक्षा का भी विशेष ख्याल रखा जाने लगा है इसे राजूसिंह अपने परिवार के साथ घर के अंदर रखते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 04, 2023, 12:31 IST








