
मनमोहन सेजू/ बाड़मेर. आगामी 2 जून को भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे बाड़मेर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गोबर से बने हेलीपैड पर अपना हेलीकॉप्टर लैंड करेंगे. मुख्यमंत्री की यात्रा को देखते हुए बाड़मेर जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय पर गोबर से अनूठा हेलीपैड बनाया है. पिछले सप्ताह भर से बाड़मेर के संजय स्टेडियम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हेलीकॉप्टर को लैंड करवाने के लिए खास अस्थायी हेलीपैड तैयार करवाया जा रहा है.
बाड़मेर जिला प्रशासन के निर्देशों पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा इस हेलीपैड का निर्माण करवाया जा रहा है. ग्रेवल से हेलीपैड के निर्माण के बाद गोबर के लेप से इस हेलीपेड को 15 के करीब महिलाएं अपने हाथों से बना रही है. देर रात तक इसके पूरी तरह से तैयार होने की उम्मीद है. सार्वजनिक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों द्वारा हेलीपैड निर्माण की चौबीस घण्टे मॉनिटरिंग की जा रही है.
हेलीपैड निर्माण की जगह भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आदर्श स्टेडियम सभा स्थल के पास रखी गई है. हेलीपैड के निर्माण में देशज ज्ञान को ध्यान में रखा गया है. मुख्यमंत्री के लिए बनाए जा रहे अस्थाई हेलीपैड के लिए किसी भी तरह की कंक्रीट या सीमेंट का उपयोग नहीं किया गया है.
गेंहू की मजदूर सुमेरी देवी बताती है सुबह 7 बजे से हेलीपैड को बनाने का काम किया जा रहा है. करीब 15 महिलाएं और 6 पुरुषों ने मिलकर यह हेलीपैड तैयार किया है. जहां 2 जून मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का हेलिकॉप्टर लैंड करेगा. वह बताती है लगातार चौथी बार वह हेलीपैड बनाने का काम किया है. इसमे गोबर,मिट्टी व पानी मिलाकर गीला पेस्ट तैयार किया जाता है. इसके बाद हाथो से इसकी निपाई की जाती है.
मां जोग कंस्ट्रक्शन कंपनी के भंवर सिंह बताते है कि गोबर की निपाई होने से हेलीकॉप्टर लैंड करते समय रेत का गुब्बार नहीं उड़ेगा. रेगिस्तानी इलाका होंने के कारण यहां गोबर से हेलीपैड बनाया जा रहा है. वह बताता है कि अब तक करीब डेढ़ दर्जन ऐसे हेलीपैड का निर्माण करवा चुके है.
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FIRST PUBLISHED : May 30, 2023, 17:29 IST








