
दुर्गेश सिंह राजपूत/ नर्मदापुरम. मंगलवार शाम आकाश में सूर्य की लालिमा कम होते ही हंसियाकार चांद का साथ देते शुक्र और लालिमा के साथ मंगल ग्रह नजर आए. ये मिथुन तारामंडल की पृष्ठभूमि में मिलते से दिख रहे थे. इस मनोहारी दृश्य को जिसने भी देखा देखता ही रह गया.
नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि पृथ्वी से लगभग 4 लाख 500 किमी दूर स्थित चंद्रमा का 14 प्रतिशत भाग चमकता दिखते हुए उसके मुस्कुराने सा आभास करा रहा था. उसके साथ माइनस 4.33 मैग्नीट्यूड से चमकता शुक्र ग्रह था. शुक्र पृथ्वी से 12 करोड़ 7 लाख किमी की दूरी पर था. इनके उपर कुछ लालिमा लिये मंगल ग्रह था जो कि पृथ्वी से 28 करोड़ 89 लाख किमी दूर था.
सभी में इतना अंतर होते हुए भी वे कोण के कारण आपस में मिलते से नजर आ रहे थे. इनके साथ ही रोमन पौराणिक कथाओं की मान्यता के अनुसार, जुड़वां भाइयों के रूप में माने जाने वाले मिथुन तारामंडल के दो तारे पोलुक्स और केस्टर भी दिख रहे थे. सारिका ने विद्याविज्ञान के अंतर्गत टेलिस्कोप की मदद से इन खगोलीय पिंडों का अवलोकन करवाया और उनके फोटोग्राफ लिए.
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FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 16:27 IST








