
अलवर. गर्मी के मौसम में हर एक आम व्यक्ति के सामने यदि कोई समस्या सामने आती है तो वह पेयजल की समस्या है. गर्मी के मौसम में अक्सर पानी की समस्या पैदा होना एक आम बात से लगती है. ऐसे में अगर अलवर जिले की बात की जाए तो इस साल अलवर में पेयजल संकट इस कदर आया हुआ है, कि जलदाय विभाग अपने तय नॉर्म्स के आधार पर भी अलवर जिले की पानी की समस्या दूर नहीं कर पा रहा. शहर में कुछ क्षेत्रों में जलदाय विभाग पेयजल पानी पहुंचाने में असमर्थ भी जता दी.
बता दे कि अलवर शहर की वर्तमान जनसंख्या 4 लाख 15 हजार 579 है. प्रतिदिन पानी की मांग 56 हजार किलो लीटर है. जबकि अभी वर्तमान समय मे जलदाय विभाग शहर में 26 हजार 400 किलो लीटर पानी का प्रतिदिन उत्पादन कर पा रहा है. इसका मतलब 29 हजार 600 किलो लीटर पानी की प्रतिदिन शहरवासियों को तंगी झेलनी पड़ रही है. अलवर शहरवासियों को प्रति व्यक्ति प्रति दिन 64 लीटर पानी ही मिल पा रहा है. शहर में करीब 307 नलकूप कार्यरत हैं. अलवर में पानी की यह सप्लाई भी एक दिन छोडकर एक दिन दी जा रही है. जलदाय विभाग अब तीन दिन में एक बार सप्लाई की योजना तैयार कर रहा है. जिसके चलते अलवर की आमजन को पानी के टैंकर पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
गर्मी शुरू होने से लेकर बारिश आने तक अप्रेल से अगस्त महीने तक शहरवासियों को पानी की पूर्ति के लिए टैंकरों पर आश्रित रहना पड़ता है. इससे सरकार को हर साल करीब एक करोड़ टैंकरों पर खर्च करने पडते हैं. गत वर्ष 2022 में प्रतिदिन 18 टैंकरों से 134 चक्कर लगवाकर पानी की पूर्ति करानी पड़ी. इसी तरह शहर में पानी की पूर्ति के लिए वर्ष 2023 में प्रतिदिन 20 टैंकरों से 155 चक्कर लगवाने की जरूरत पड रही है. इससे सरकार पर एक करोड़ 8 लाख 33 हजार रुपए वित्तीय भार पड़ने की संभावना है.
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FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 16:23 IST








