
चंडीगढ़. हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) की परीक्षा में पिछले साल आए 32 सवाल ‘फिर से पूछे जाने’ पर विवाद हो गया है. हरियाणा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 21 मई को आयोजित की गई थी जिसमें 93,000 से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे. बुधवार को एक विश्लेषण से पता चला कि इस बार पूछे गए 100 प्रश्नों में से कम से कम 32 प्रश्न ऐसे थे, जो जुलाई 2022 की परीक्षा से दोहराए गए थे. छात्रों के कुछ वर्ग ने इस मुद्दे को हरियाणा लोक सेवा आयोग के समक्ष भी उठाया है, जिसमें उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला है कि कम से कम चार प्रश्नों में सिर्फ नाम बदले गए, जबकि संदर्भ पिछले वर्ष जैसा ही था.
घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले हरियाणा सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, ‘यह एक क्वालीफाइंग एग्जाम है. कई बार कुछ प्रश्न दोहराए जाते हैं. साथ ही, इस मुद्दे को हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के संज्ञान में लाया गया है और यह पता चला है कि अगली बार से परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने वालों को कुछ दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सवालों का दोहराव ना हो.’
अधिकारी ने कहा, ‘प्रश्नपत्र सेट करना एक फुलप्रूफ प्रक्रिया है. यहां तक कि एचपीएससी का भी इस पर कोई नियंत्रण नहीं है. पेपर-सेटर एक स्वतंत्र व्यक्ति होता है जो प्रश्न पत्र को सीलबंद लिफाफे में भेजता है. यह सीलबंद लिफाफा केवल परीक्षा के समय ही खोला जाता है. कोई भी यह पता नहीं लगा सकता कि प्रश्नपत्र में कौन से प्रश्न पूछे गए हैं. कई बार प्रश्न दोहराए जाते हैं. इसके पीछे कोई गलत मंशा नहीं थी. इस साल पेपर को सेट करने वाला अलग था. आयोग आमतौर पर संदर्भ के लिए पिछले कुछ वर्षों के पेपर सेटर प्रश्न पत्र भेजता है.’
इस वर्ष और पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों के दो सेट की जांच में पाया गया कि दोनों प्रश्नपत्रों में प्रश्न बिल्कुल समान थे, बिना किसी बदलाव के. कुछ मामलों में प्रश्न क्रम भी वही रखा गया था. विश्लेषण में पाया गया कि जुलाई 2022 की परीक्षा के प्रश्न संख्या 17, 18, 19, 21, 22, 23, 24, 26, 27, 29, 34 और 35 को मई 2023 की परीक्षा में क्रम संख्या 26, 28, 30 31, 32, 33, 34, 35, 40, 81 और 82 के तहत दोहराया गया था.
इस बीच, राज्यसभा सदस्य सुरजेवाला ने एक बयान में आरोप लगाया कि आयोग ने ‘पिछले साल के सवालों को दोहरा कर न सिर्फ अपनी अयोग्यता साबित की है, बल्कि खुद अपना ही पेपर लीक करने का घृणित कार्य किया है.’ सुरजेवाला ने राज्य में मनोहर लाल खट्टर नीत सरकार पर निशाना साधते हुए एचसीएस के पेपर को तुरंत रद्द करने की मांग की. उन्होंने कहा, ‘अगर खट्टर सरकार में कुछ भी शर्म बाकी है तो खट्टर साहब को उन 93 हजार युवाओं से तुरंत माफी मांगनी चाहिए जिन्होंने पारदर्शिता के उनके झूठे नारों पर विश्वास करते हुए परीक्षा फॉर्म भरा था.’
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FIRST PUBLISHED : May 25, 2023, 10:11 IST








