
हाइलाइट्स
क्या आप इस बात से वाकिफ हैं.
देश की सबसे पहली ट्रेन कौन सी है.
यह कहां से कहां तक चली थी.
नई दिल्ली. रेलवे का इतिहास सालों पुराना है. ट्रेन में लोगों एक सदी पहले से सफर कर रहे हैं. ऐसे ही भारतीय रेलवे को दुनिया में चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क नहीं माना जाता है. इसका अपना एक गौरवशाली इतिहास है, जिसमें कई सारे किस्से जुड़े हैं. करीब 177 साल पुरानी भारतीय रेलवे रोजाना करीब 4 करोड़ लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचाती है. साथ ही हर दिन करीब 35 लाख टन माल को उनकी मंजिलों तक पहुचाती है.
क्या आप भारत की पहली ट्रेन के इतिहास के बारे में जानते हैं? क्या आप इस बात से वाकिफ हैं कि देश की सबसे पहली ट्रेन कौन सी है और यह कहां से कहां तक चली थी. अगर नहीं तो आज आज हम आपको भारतीय रेलवे से जुड़े कई ऐसे रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे.
1853 को चली थी देश की पहली पैसेंजर ट्रेन
अगर देश की पहली पैसेंजर ट्रेन की बात करें तो वह पहली बार 16 अप्रैल 1853 को मुंबई के बोरी बांदर और ठाणे के बीच चली थी. इस दौरान ट्रेन ने कुल 34 किमी का सफर तय किया था. इस ट्रेन में कुल 400 पैसेंजर सवार थे. लोगों में इस पैसेंजर ट्रेन को लेकर इतना उत्साह था कि उन्होंने उस दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया था. इसीलिए रेलवे स्टेशन पर लोगों की भारी भीड़ जुटी थी. जब ट्रेन ट्रैक पर खड़ी थी, तो लोग रेलवे ट्रैक की पूजा कर रहे थे.
34 किलोमीटर के सफर में 2 स्टेशनों पर रूकी
बोरीबंदर स्टेशन से रवाना होकर 8 किलोमीटर चलने के बाद यह रेल भायखला में रूकी जहां इसके इंजन में पानी भरा गया. फिर वहां से रवाना होकर थोड़ी देर के लिए सायन में स्टॉपेज रहा. इस पूरे डेढ़ घंटे के सफर में रेल 15-15 मिनट के लिए 2 स्टेशनों पर ठहरी. देश में रेल चलाने का काम इतना आसान नहीं रहा और इसके लिए कड़ी मेहनत की गई. 1851 में मुंबई से ठाणे के बीच ट्रैक बिछाने के लिए 10 हजार से ज्यादा मजदूरों को काम पर लगाया गया. इसके बाद इस रूट पर ट्रेन चलाने का सपना साकार हुआ.
लार्ड डलहौजी ने लिया था फैसला
ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत में आने के करीब 200 सालों के बाद 1825 में पहली बार ब्रिटेन में ट्रेन चली. इसने स्टॉकटन से डार्लिंगटन तक की दूरी तय की थी. अगले कुछ साल में वहां लोग ट्रेन का इस्तेमाल एक जगह से दूसरी जगह जाने और माल ढोने के लिए करने लगे. फिर 1832 में ब्रिटेन की तर्ज पर भारत में ट्रेन चलाने के लिए दक्षिणी भारत से ब्रिटिश अधिकारी के पास प्रस्ताव आया. लेकिन, इस वक्त इस पर ज्यादा काम नहीं हो पाया. 1848 में लार्ड डलहौजी जब भारत के गवर्नर जनरल बने तो उन्होंने भारत में ट्रेन चलाने का फैसला किया.
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Tags: Indian railway, Indian Railways, Railway Knowledge, Train
FIRST PUBLISHED : May 24, 2023, 16:57 IST








