
रविकांत कुमार/मधेपुरा. पारंपरिक खेती को छोड़ अगर आप कुछ और करना चाहते हैं तो आपके लिए केले की खेती एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. केले की खेती कर लाखों का मुनाफा आराम से कमाया जा सकता है.
मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत चिकनी फुलकाहा गांव निवासी किसान अरुण कुमार इसके उदाहरण हैं.अरुण कुमार पेशे से शिक्षाविद हैं और सुपौल डिग्री कॉलेज में अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष हैं. इसके साथ ही वह गांव में बड़े पैमाने पर खेती करते हैं. 5 एकड़ में केले की खेती कर वह अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.
धैर्य के साथ बढ़ाते गए दायर
प्रो. अरुण कुमार बताते हैं कि पहले उन्हें लग रहा था कि केले की खेती घाटे का सौदा होता है, लेकिन जब उद्यान विकास पदाधिकारी से उनका संपर्क हुआ, तो उनके आग्रह पर उन्होंने केले की खेती शुरू की. हालांकि तमाम प्रयास के बावजूद जब एक साल तक उन्हें लाभ नहीं दिखा तो मायूस हो गए. लेकिन फिर जब केला फलने लगा और बाजार में अच्छे दामों पर बिक्री हुई तो मन प्रफुल्लित हो गया. इसके बाद लगातार केले की खेती का दायरा बढ़ाते गए और आज 5 एकड़ में केले की खेती कर रहे हैं.
T-9 वेराइटी के लिए उपयुक्त है जिले की मिट्टी
प्रो. अरुण कुमार का कहना है कि जिले की मिट्टी T-9 वेराइटी के केले की खेती के लिए उपयुक्त है. इस मिट्टी में यह वेराइटी बेहतर उपज देता है. इस वेराइटी में किसानों को प्रति एकड़ 80 हजार से लेकर एक लाख तक की बचत हो जाती है. उन्होंने बताया कि पारंपरिक तरीके से की जाने वाली धान, गेहूं, मकई आदि की खेती में लागत अत्यधिक लगता है और उपज के हिसाब से मुनाफा कम होता है.
लेकिन अगर आप केले की खेती करेंगे, तो इसमें कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है. साथ ही उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के किसान अगर केले की खेती करना चाहते हैं तो वे उन्हें मुफ्त में बीज उपलब्ध कराएंगे. साथ ही केले की खेती होने वाली समस्या और उसके समाधान के बारे में भी बताएंगे.
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FIRST PUBLISHED : May 22, 2023, 20:48 IST








