
रायपुर. छत्तीसगढ़ के 44 प्रतिशत भूभाग पर भले ही घने वन और जंगलों से घिरा है, लेकिन मध्य छत्तीसगढ़ में गर्मी और लू का कहर जमकर देखने को मिलता है. न्यायधानी बिलासपुर गर्मी के दिनों नें 48 दिनों तक गर्म रहती है, तो राजधानी वासियों को 45 दिनों की भीषण गर्मी झेलनी पड़ती है. सुकून के मामले में जगदलपुर गर्मी के दिनों में राहत देता है, क्योंकि वह उंचाई पर है और सबसे अधिक घने वनों से घिरा है. वहां 3.5 दिन लू तो कुल 10 दिन गर्मी पड़ती है.
छत्तीसगढ़ में 90 दिनों की गर्मी में आधा से अधिक दिनों तक भीषण गर्मी और लू चलती है. मौसम विभाग के 11 वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि सबसे अधीक लू 16 दिनों तक राजनांदगांव में चलती है, तो सबसे अधिक गर्मी 48 दिनों तक बिलासपुर में दर्ज किया जाता है. जगदलपुर में सबसे कम गर्मी पड़ती है. लू के मामले में राजनांदगांव ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. यहां करीब दो से ढाई हफ्तों तक लू का सितम देखने को मिलता है.
इन जिलों में सर्वाधिक गर्मी
प्रदेश में पड़ने वाली 90 दिनों की गर्मी में आधे से अधिक दिनों तक प्रदेश का मध्यक्षेत्र तपता है. इसमें सबसे ज्यादा दिनों तक बिलासपुर गर्म रहता है. बिलासपुर 48 दिनों तक गर्म रहता है, जबकि राजधानी रायपुर गर्मी के दिनों में 45 दिनों तक गर्म रहती है. वहीं दुर्ग जिला 42 दिनों तक गर्म रहता है. वहीं लू के मामले में सबसे अधिक लू 16 दिनों तक राजनांदगांव में चलती है. इसके अलावा सबसे कम गर्मी का सामना जगदलपुर वासियों को करना पड़ता है. यहां सिर्फ 10 दिनों तक गर्मी रहती है.
मध्यक्षेत्र में दिखता सबसे ज्यादा असर
मौसम वैज्ञानिक एच पी चंद्रा ने बताया कि मध्यक्षेत्र में गर्मी का असर ज्यादा रहता है. 11 वर्ष के आकड़ों से यही पता चलती है. राजनांदगांव जिले में आकड़ों के अनुसार यहां 16 दिनों तक हीटवेव चलती है. इसके अलावा जगदलपुर में 3.5 दिन, बिलासपुर में 8.4 दिन, रायपुर6.8 दिन, अम्बिकापुर में 3.4 दिन और दुर्ग में 5.4 दिनों की रिकॉर्डतोड़ लू चलती है.








