
सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एक फैसले ने लोगों को एक बार फिर नोटबंदी होने का एहसास दिला दिया है. बीते दिनों रिजर्व बैंक ने फैसला दिया जिसमें 2000 रुपये के नोट को 30 सितंबर तक वैध करार दिया है. उसके बाद इस नोट का कोई अस्तित्व नहीं रहेगा. इसके बाद आरबीआई के इस फैसले पर राजनीति का बाजार गर्म है. तो वहीं व्यापार करने वाले व्यापारियों ने अपनी अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है.
राम नगरी अयोध्या के व्यापारियों ने आरबीआई के इस फैसले का स्वागत किया तो किसी ने इस फैसले को तबाही मचाने वाला बताया है. आम जनता तो परेशान होगी और नोट बदलने के लिए बैंकों में लाइन लगानी पड़ेगी. कुछ व्यापारियों ने यहां तक कहा कि फैसला अनुचित है पहले सरकार को इसके विकल्प के रूप में कोई नोट लाना चाहिए था फिर बंद करना चाहिए था.
व्यापार की दृष्टि से फैसला अनुचित है
व्यापारी तेजिंदर सिंह ने बताया कि यह पहल मोदी सरकार का बहुत सराहनीय है. इससे मार्केट भी बढ़ेगा व्यापारियों का व्यापार भी बढ़ेगा और जो लोग 2000 रुपये के नोट दबा कर रखे हैं उनका पूरा राज खुलेगा. तो वहीं दूसरी तरफ व्यापारी रामगोपाल ने बताया कि इस तरह से सरकार का फैसला लेना अफरा-तफरी का माहौल पैदा करेगा.
बैंकों में जबरदस्ती नोट बदलने की लाइन लगेगी सरकार को इस प्रकार की नीतियों को बहुत ध्यान पूर्वक करना चाहिए. जिससे आम जनमानस को कोई तकलीफ ना हो. व्यापार की दृष्टि से यह फैसला अनुचित है. 2016 में नोटबंदी हुई फिर उसके बाद 2000 रुपये की नोट चलन में आई लेकिन फिर 2000 रुपये की नोट को लेकर इस तरह का फैसला लेना अफरा-तफरी फैलने का माहौल बनेगा.
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FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 19:54 IST








