दिल्‍ली में मानसिक तनाव की ये हैं 3 वजह, लोगों के मन में आ रहे सुसाइड के विचार, टेली-मानस हेल्‍पलाइन पर आई कॉल्‍स से खुलासा

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Tele-MANAS Helpline: कोरोना के बाद से मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य चुनौती बनकर उभर रहा है. यूनिसेफ की एक रिपोर्ट पर गौर करें तो भारत में 15 से 24 वर्ष के सात युवाओं में से एक युवा मानसिक चिंता से ग्रस्‍त है या उदास रहता है. वहीं महानगरों में यह परेशानी और भी ज्‍यादा बढ़ती जा रही है. दिल्‍ली की बात करें तो यहां के लोगों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है. कई बार यह तनाव लोगों को सुसाइड जैसे विचारों तक ले जाता है. ऐसे मामले आए दिन केंद्र सरकार की टेलीमानस हेल्‍पलाइन के दिल्‍ली सेंटर पर भी देखने को मिल रहे हैं.

टेली मानस हेल्‍पलाइन की दिल्‍ली प्रदेश सेल इंस्‍टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलाइड साइंसेज (IHBAS) में चल रही है. यहां तीन शिफ्ट में काउंसिलर्स मेंटल स्‍ट्रेस या डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों को फोन पर मदद पहुंचा रहे हैं. अक्‍टूबर 2022 से अस्‍पताल में 24 घंटे चल रही टेली मानस हेल्‍पलाइन 14416 और 1-800-891-4416 पर रोजाना करीब 15-16 कॉल्‍स आ रही हैं. इहबास के निदेशक डॉ. आर के धमीजा बताते हैं कि देशभर में 1 लाख से ज्‍यादा कॉल्‍स टेलीमानस पर रिसीव की जा चुकी हैं वहीं इहबास में करीब 4000 कॉल्‍स रिसीव की गई हैं.

इन 3 वजहों से बढ़ रहा तनाव
इहबास टेलीमानस हेल्‍पलाइन पर साइकोलॉजिकल सपोर्ट दे रहीं काउंसिलर लवलीना शर्मा और माला कपूर बताती हैं कि दिल्‍ली में आ रही कॉल्‍स में तनाव या सुसाइडल कोशिशों की 3 प्रमुख वजहें सामान्‍य रूप से देखने को मिल रही हैं.

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. परीक्षाओं का डर- लवलीना बताती हैं कि हेल्‍पलाइन पर आ रहीं युवाओं की ज्‍यादातर कॉल्‍स में परीक्षाओं को लेकर तनाव देखने को मिलता है. इनमें यूपीएससी परीक्षा में बार बार फेल होने से लेकर नीट, जेईई, बोर्ड परीक्षाओं और यहां तक कि बीएड आदि के बाद सीटैट या अन्‍य परीक्षाओं को लेकर डर भी शामिल है.

. फाइनेंशियल फ्रॉड- माला कपूर और लवलीना कहती हैं कि हेल्‍पलाइन पर कई ऐसे मामले आए हैं जिनमें फाइनेंशियल फ्रॉड के कारण व्‍यक्ति सुसाइड के बारे में सोचने लगता है या सुसाइड की कोशिश करता है. पैसों की ठगी दिल्‍ली में तनाव की प्रमुख वजह बनकर सामने आ रही है.

. वैवाहिक रिश्‍ते- तनाव की तीसरी सबसे बड़ी वजह वैवाहित संबंधों खासतौर पर पति-पत्‍नी के रिश्‍तों में देखने को मिल रही है. छोटी-छोटी बातों से शुरू होने वाला झगड़ा कब तनाव का कारण बन जाता है और व्‍यक्ति खुद को हानि पहुंचाने के बारे में सोचने लगता है, ये खुद उन लोगों को भी नहीं पता होता जो यहां कॉल्‍स करते हैं.

काउंसिलर करते हैं फॉलोअप
इहबास में टेलीमानस हेल्‍पलाइन का संचालन देख रहे प्रोफेसर साइकेट्री डॉ. ओमप्रकाश बताते हैं कि यह हेल्‍पलाइन 24 घंटे लोगों के लिए उपलब्‍ध है. खास बात है कि इसमें सिर्फ इनकमिंग की ही सुविधा नहीं है बल्कि आउटगो‍इंग की भी है. एक बार अगर कोई व्‍यक्ति इस हेल्‍पलाइन पर फोन करता है तो काउंसिलर्स उसे मेंटल सपोर्ट देते हैं लेकिन अगर काउंसिलर्स को लगता है कि वह ज्‍यादा परेशान है और उसे और अधिक मानसिक सहायता की जरूरत है तो दो सप्‍ताह के भीतर उसका फॉलोअप भी किया जाता है और उसे हेल्‍पलाइन की तरफ से तब तक फोन किया जाता है, जब तक कि वह पूरी तरह संतुष्‍ट न महसूस करे.

दिल्‍ली के पांच अन्‍य इलाकों में भी हेल्‍पलाइन का सपोर्ट
डॉ. ओमप्रकाश कहते हैं कि हेल्‍पलाइन के अलावा दिल्‍ली के 11 जिलों में टेलीमानस की मोबाइल मेंटल हेल्‍थ यूनिट्स भी काम कर रही हैं. दिल्‍ली की पांच जगहों छतरपुर, जहांगीरपुरी, द्वारका, मोतीनगर और तिमारपुर में डिस्ट्रिक्‍ट मेंटल हेल्‍थ प्रोग्राम क्लिनिक भी काम कर रहे हैं. यहां भी पहुंचकर लोग मेंटल हेल्‍थ सपोर्ट ले सकते हैं.

Tags: Delhi suicide, Heat stress, Helpline number, Mental Health Awareness

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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