
अभिनव कुमार/दरभंगा. दुनिया में हर समस्या का समाधान मौजूद है. बस जरूरत है तो कड़ी मेहनत और लगन की. ऐसा ही कुछ बिहार के दरभंगा ज़िले में देखने को मिला. इस भीषण गर्मी में जल संकट को देखकर स्थानीय पशुपालकों के साथ मिलकर एक एयर फोर्स से रिटायर ऑफिसर ने कई कुएं खोद डाले. ये कहानी है हनुमाननगर प्रखंड क्षेत्र के पटोरी गांव की. एयर फोर्स से रिटायर्ड होकर आए इस गांव के एक व्यक्ति ने जब खेतों में जाकर देखा तो उन्हें अपना बचपन याद आ गया. वो जिन कुओं से पानी पिया करते थे उनका नामोनिशान नहीं था. बताया जाता है कि 30-40 साल पहले इस गांव के चारों तरफ 100 से ज्यादा कुएं थे. लेकिन बीते सालों के साथ उनके नामों निशान मिट गए.
जब इस भीषण गर्मी में जल स्तर गिरा और लोगों को पानी की दिक्कत हुई तो रिटायर्ड एयरफोर्स के ऑफिसर राकेश प्रसाद चौधरी ने अपने दोस्तों और पशुपालकों के साथ मिलकर योजना बनाई. सभी लोगों ने श्रमदान देकर कुएं को फिर से जिंदा करने की ठानी, जिससे कि जल संकट दूर हो सके. सभी कुएं बीच खेत में थे, जहां कई किलोमीटर तक पानी का नामोनिशान नहीं था. कुआं मिट्टियों में दबा हुआ था . गौरतलब है कि 20 से 25 पशुपालकों के साथ मिलकर 20 दिनों में 4 कुएं को ज़िंदा किया गया. अब पांचवें कुएं का भी काम खत्म होने वाला है.
रिटायर्ड एयर कर्मी ने दिया यह जबरदस्त सुझाव
इस संदर्भ में रिटायर्ड एयर ऑफिसर राकेश प्रसाद चौधरी ने कहा, ‘मेरा बचपन यही बीता है. मैं एयरफोर्स में जाने से पहले इन सब कुओं का पानी पिया करता था. जब मैं एयर फोर्स में गया तो वहां जाने के बाद मैं राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और हैदराबाद में जहां मेरा पोस्टिंग थी. वहां मैंने देखा कि पानी की किल्लत है. तीन-चार दिन बाद पानी सप्लाई होती थी. जब मैं यहां रिटायरमेंट के बाद आया तो खेतों में घूमने निकला. मैंने देखा जितने भी कुएं थे वह सारे मिट्टी में दबे हुए थे. कहीं उनका नामोनिशान नहीं था. मैंने यहां हमारे पशु पालक भाई को समझाया कि हमारे यहां जो पानी का स्तर नीचे जा रहा है. अगर हम इन कुओं को खोद कर निकाल देते हैं, तो बाढ़ के समय में पानी भर जाएगा. जिससे यहां भूजल स्तर का संरक्षण होगा. यहां पानी का स्तर बढ़ेगा और गर्मी में पानी की कमी कभी नहीं होगी’.
गांव वाले भी अपनी तरफ से दे रहें हैं योगदान
इस क्षेत्र में गांव के चारों तरफ सौ कुएं हैं. जो जमीन के अंदर दबे हैं. अभी तक 4 कुओं को खोदकर निकाला जा चुका है. पांचवां कुआं में हाथ लगा हुआ है. सभी पशुपालक भाइयों के द्वारा श्रमदान से यह कार्य हो रहा है. राकेश प्रसाद ने कहा कि सबसे खास बात यह है कि इस में कार्य में पशुपालक भाई बंधु लगे हुए हैं, उनको गांव वाले की तरफ से बिस्किट, शरबत, सत्तू , कोल्ड्रिंक्स मिल जाता है. बाकी सब अपने श्रमदान से इन कुओं का जीर्णोद्धार कर रहे हैं. शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर इस गांव के 25 पशुपालकों द्वारा लगातार 20 दिनों से कुओं की खुदाई की जा रही है.
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FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 10:28 IST








