
नीरज कुमार / बेगूसराय. केन्द्र और राज्य सरकार दहेज मुक्त विवाह के लिए लोगों को लगातार प्रेरित करने का काम कर रहे हैं. इसके लिए प्रचार-प्रसार का भी सहारा लिया जा रहा है. लोगों पर इसका असर भी होते दिख रहा है. लोग अपने बच्चों की दहेज मुक्त शादी करवाने के लिए आगे आ रहे हैं. हालांकि, कुछ ऐसे मंदिर, मठ और धाम भी हैं, जहां पर सिर्फ दहेज मुक्त शादी कराई जाती है.
बेगूसराय जिले में एक मंदिर है, जो पिछले पांच वर्षो से लगातार दहेज मुक्त शादी करवा रहा है. इस मंदिर में न तो वर पक्ष और न हीं वधु पक्ष को शादी की तैयारी करने का झंझट रहता है. यहां सिर्फ खाना की व्यवस्था खुद करनी होती है. बेगूसराय का गौतम धाम पिछले 5 वर्षों से दहेज मुक्त विवाह समारोह का आयोजन कर रहा है. स्थानीय पुजारी के मुताबिक आर्थिक रूप से पिछड़े लोग अपने बच्चे की शादी सहित और भी कई प्रकार के संस्कारों का निष्पादन कराने यहां आ सकते हैं.
2020 में धाम का हुआ था निर्माण
बेगूसराय मुख्यालय से तकरीबन 10 किलोमीटर दूर खम्हार में एसएच-55 के किनारे गौतम धाम को साल 2020 में स्थानीय लोगों के सहयोग से निर्माण कराया गया था. इस धाम की अयोध्या के संतों के द्वारा देखरेख की जाती है. स्थानीय प्रशासन इसे पर्यटन स्थल का दर्जा दिलवाने के लिए काम कर रहा है. गौतम धाम का देवघर की तर्ज पर विकास किया जा रहा है. इसकी सुंदरता को बढ़ाने के लिए यहां पर एक काफी पुराना सरोवर भी है. इस धाम को सरकारी स्तर पर मान्यता प्रदान की गई है.
मुफ्त शादी के साथ रहने की भी व्यवस्था
पुजारी हरि शरण दास महाराज बताते है कि यहां पर सालों से अयोध्या और देवघर के तर्ज पर शादियां कराई जाती है. यहां पर मुफ्त में शादी कराने का प्रचलन है. पुजारी बताते है कि शादी करवाने के लिए आने वाले लोग को जगह मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती है और रात में रहने के लिए भी व्यवस्था की जाती है, लेकिन खाने-पीने की व्याव्स्था खुद करनी होती है. पंडित की दक्षिणा और भोजन की टेंशन लेने की जरुरत नहीं होती है. यहां मुफ्त में पंडित उपलब्ध कराए जाते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 11:30 IST








