
पिछले तीस साल से ज्यादा के समय से वैज्ञानिक मानव जनित जलवायु परिवर्तन और अल नीनो –ला नीना जैसी घटनाओं के बीच क्या संबंध है, यह एक पहेली बनी हुई थी. वैसे तो अल नीनो और ला नीना जैसी घटनाओं के पीछे एक कारण जलवायु परिवर्तन भी माना जाता है. लेकिन नए अध्ययन ने सुझाया है कि मानव जनित ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन बढ़ने के कारण ही अल नीनो और ला नीनो की घटनाएं बार बार होने के साथ तीव्रता के साथ भी घटित होने लगी हैं. यह पृथ्वी की जलवायु पर मानव के प्रभाव का अहम नया प्रमाण कहा जा सकता है.
मानव गतिविधियां ही जिम्मेदार
नेचर रीव्यूज अर्थ एंड एनवायर्नमेंट में प्रकाशित इस नए शोध में स्पष्ट तौर पर पाया गया हैकि मानव जनित गतिविधियों ने ही अल नीनो और ला नीना की घटनाओं को चरम बनाया है. पांच साल की मेहनत के बाद वैज्ञानिक अपने नतीजों पर पहुंच सके जिससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि अल नीनो और ला नीनो दुनिया के गर्म होने पर भविष्य में कैसे बदलाव लाएगा.
क्या होते हैं अल नीनो और ला नीना
ला नीना ऑस्ट्रेलिया और उसके आसपास आर्द्र, ठंडे हालात बनाता है. हर कुछ सालों के अंतर पर वह अल नीनो, जो सूखे और गर्म हालात लाता है, के साथ एक के बाद एक आता रहता है. दोनों चरण मिल कर अल नीनो सदर्न ऑसिलेशन कहलाते हैं. इनसे कटिबंधीय प्रशांत महासागर के सतह के तापमान में बदलाव होता है. अल नीनो में तापमान गर्म और ला नीनों में ठंडा हो जाता है.
एक छोटे बदलाव से बड़े बदलाव
महासागरों की सतह के तापमान में छोट बदलाव भी वायुमंडल में बड़े बदलाव ला सकते हैं. इस तरह अल नीनो और ला नीना नाटकीय तौर से दुनिया भर के मौसमी स्वरूपों को प्रभावित करते हैं. अल नीनो सदर्न ऑसिलेश एक प्राकृतिक घटना है लेकिन पिछले 50 सालों से इनमें तेजी आने के साथ ही अधिकता देखने को मिली है. शोध मे यही जानने की कोशिश की गई क्या मानव जनित जलवायु परिवर्तन इसके लिए जिम्मेदार है?
जलवायु विविधता का बढ़ना
दशकों के अवलोकन दर्शाते हैं कि महासागरों की सतह गर्म हो रही है और ऐसा दुनिया के सभी महासागरों में हो रहा है कि सतह नीचे की परतों की तुलना में ज्यादा तेजी से गर्म हो रही है. शोधकर्ताओं ने पृथ्वी का जलवायु तंत्र के 43 जलवायु प्रतिमान या कम्प्यूटर सिम्यूलेशन में से कई का विश्लेषण किया. पहले उन्होंने 1901 से 1960 के सिम्यूलेशन की तुलना 1961 से 2020 के सिम्यूलेशन से की और अधिकांश में यही पाया गया कि 1960 के बाद अल नीनो सदर्न ऑसिलेशन में विविधता बढ़ गई है.
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Tags: Climate Change, Earth, Environment
FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 19:29 IST








