
पुनीत माथुर/ जोधपुर. भारतनाट्यम कला हमारे देश की प्राचीन कलाओं में से एक है. इस नृत्य कला का जन्म तमिलनाडु राज्य में हुआ था. भारतनाट्यम दक्षिण भारत का एक लोकप्रिय नृत्य कला है यह नृत्य कला एकल नृत्य कला है जिसमें हमेशा एक व्यक्ति द्वारा ही नृत्य किया जाता है.एक ऐसी ही भारतनाट्यम कला को प्रदर्शित कर रही है जोधपुर की छात्रा जिसका नाम सुनैना पुरोहित जो शहर का नाम रोशन करने में अपनी अहम भूमिका निभा रही है.
मां की इच्छा पूरी करने के लिए चुना भरतनाट्यम
भारतनाट्यम को सबसे प्राचीन नृत्य माना जाता है. इस नृत्य को तमिलनाडु में देवदासियों द्वारा विकसित व प्रसारित किया गया था. लेकिन अब यह भारतनाट्यम तमिलनाडु से निकलकर विभिन्न जगहों तक पहुंच चुका है. अब सुनैना भी जोधपुर में अपनी कला का प्रदर्शन कर रही है. सुनैना की मां की इच्छा थी कि वे भारतनाट्यम सीखे लेकिन किसी कारणवश उसकी मां भारतनाट्यम नहीं सीख पाई तो अपनी मां की इच्छापूरी करने के लिए सुनैना ने भारतनाट्यम सीखा और आज जिले की सबसे बड़ी भारतनाट्यम नृत्यांगना में सुनैना का नाम आता है.
वहीं आपको बता दे कि सुनैना अपने गुरु मंजूषा सक्सेना से भारतनाट्यम सीख रही है. सुनैना जब 5 बरस की थी तब से लेकर अब तक वह भारतनाट्यम सीख रही है और इस कला में इतनी माहिर हो चुकी है कि सुनैना के नृत्य देखने के लिए कई बार तो विदेशी पर्यटक भी वहां रुक जाते हैं. आपको बता दें कि सुनैना ने इस बार बोर्ड एग्जाम दिया जिस का रिजल्ट अब जारी होगा. सुनैना को उम्मीद है कि वह अपने परीक्षा में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेगी.
सुनैना की मां ग्रहणी है और सुनैना के पिता रेलवे में जॉब करते हैं. सुनैना सुनैना पुरोहित ने डांस जयपुर डांस में प्रथम स्थान प्राप्त किया तो वही बीकानेर में भी प्रथम स्थानहासिलकियाहै. अब सुनैना की ख्वाहिश है कि वह देश का नाम रोशन करेंगीं और इंटरनेशनल भारतनाट्यम में हिस्सा लेकर अपनी मां की ख्वाहिश पूरी करेगी.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 14:48 IST








