
नई दिल्ली. गोपालगंज के जिलाधिकारी रहे जी कृष्णैया (G Krishnaiah) की हत्या के मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन (Anand Mohan) की हाल ही में हुई रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बिहार सरकार से पूरा रिकॉर्ड मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब 8 अगस्त को इस मामले की सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब आगे सुनवाई नहीं टलेगी. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार की सुनवाई टालने की मांग पर सुनवाई को टाल दिया.
जी कृष्णैया की पत्नी उमादेवी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आनंद मोहन की रिहाई और कानून बदले जाने को चुनौती दी है. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार और आनंद मोहन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. जस्टिस सूर्यकांत और जे.बी. परदीवाला की खंडपीठ ने बिहार सरकार की ओर से पेश वकील मनीष कुमार से कहा कि मामले की सुनवाई को और नहीं टाला जाएगा और उन्हें अदालत को देखने के लिए मामले से जुड़े पूरे रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया. शुरुआत में कुमार ने याचिका का जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय मांगा.
वहीं मृत जिला अधिकारी कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले की नीति को बदल दिया है और आनंद मोहन को इस मामले में रिहा कर दिया है. उन्होंने खंडपीठ से आग्रह किया कि बिहार सरकार को आनंद मोहन के पहले के सभी आपराधिक कारनामों के पूरे रिकॉर्ड को पेश करने का निर्देश दिया जाए और मामले को अगस्त के महीने में सूचीबद्ध करने की मांग की. बेंच ने दर्ज किया कि राज्य सरकार और मोहन के वकील उसके सामने पेश हुए हैं और कहा है कि आगे कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा.
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FIRST PUBLISHED : May 19, 2023, 14:37 IST








