Rishikesh Ghat: ऋषिकेश का ये घाट है तीन पवित्र नदियों का संगम, स्नान से मिलती है पापों से मुक्ति

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ईशा बिरोरिया/ऋषिकेश: योग नगरी ऋषिकेश अपनी सुंदरता और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए सभी के बीच काफी लोकप्रिय है. दुनिया भर से लोग ऋषिकेश घूमने आते हैं और इन्हीं एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद उठाते हैं. वैसे तो ऋषिकेश में कई सारी जगह काफी मशहूर हैं, लेकिन त्रिवेणी घाट की बात ही अलग है. ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट सबसे बड़ा घाट है. यहां शाम के समय भव्य आरती का आयोजन होता है जो कि महाआरती के रूप में दुनिया भर में मशहूर है. यह घाट काफी पवित्र माना जाता है और साथ ही मान्यता है कि इस घाट में डुबकी लगाने से इंसान के सभी पाप दूर हो जाते हैं.

ऋषिकेश त्रिवेणी घाट तीन नदियों का संगम है. तीन पवित्र महा नदियां यहां विराजमान हैं. मान्यता है कि त्रिवेणी घाट पर गंगा यमुना सरस्वती का संगम है, इसीलिए यह घाट हिंदू पौराणिक कथाओं में सबसे पवित्र माना गया है. इस घाट पर प्रतिदिन तीन समय आरती होती है. एक सुबह प्रातः काल दूसरी दोपहर के समय और तीसरी संध्याकाल पर.

संध्याकाल वाली आरती को महाआरती कहा जाता है. यह आरती दुनिया भर में मशहूर है. लोग दूर-दूर से आरती में सम्मिलित होने आते हैं. अगर आप शाम के समय त्रिवेणी घाट जाते हैं तो वहां का दृश्य काफी मनमोहक प्रतीत होता है. घाट किनारे बैठकर मछलियों को देखना, भव्य गंगा आरती देखना और साथ ही शाम के समय तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे मानो दिवाली ही आ गई लोग बड़ी श्रद्धा से जलते हुए दिए को इस घाट में अर्पण करते हैं.

त्रिवेणी घाट के महंत गोपाल गिरी जी बताते हैं कि यह पवित्र त्रिवेदी तीन नदियों का संगम है जिस कारण से इसे त्रिवेणी कहा जाता है. यहां गंगा यमुना और सरस्वती का वास है. यह संगम उत्तराखंड का सबसे पवित्र और सर्वप्रथम संगम है. स्कंद पुराण के मुताबिक प्रयागराज से अधिक फल की प्राप्ति इस घाट में पूजा करने से व डुबकी लगाने से मिलती है. साथ ही त्रिवेणी घाट में स्नान करने का बहुत बड़ा महत्व है.

त्रिवेणी घाट में स्नान का महत्त्व

वे आगे बताते हैं कि अनादि काल में कुंभ का स्नान देवप्रयाग में और ऋषिकेश के इस त्रिवेणी घाट में हुआ करता था. भूमि के अभाव के कारण देवप्रयाग का स्नान बंद करा दिया गया और वही ऋषिकेश में जगह कम होने के कारण यह कुंभ का स्नान अब हरिद्वार में होता है. वे आगे बताते हैं कि स्कंद पुराण में विष्णु पुराण में और भगवत गीता में यहां स्नान करने का पौराणिक महत्व है. जो भी व्यक्ति यहां स्नान करता है उसके पाप दूर हो जाते है.

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FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 14:16 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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