
ऋषभ चौरसिया/लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में प्राचीन भुइयन देवी मंदिर खासा मशहूर है. इस मंदिर का इतिहास करीब 250 साल पुराना है. वहीं, इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि माता रानी के कपाट कभी भी भक्तों के लिए बंद नहीं होते हैं. माता रानी 24 घंटे अपने भक्तों पर आशीर्वाद बरसाती रहती हैं. जबकि भुइयन देवी मां के दाहिने हाथ पर संकटा माता भी मौजूद है. इन दोनों की पूजा-अर्चना एक साथ की जाती है.
मान्यता है कि प्राचीन भुइयन देवी मंदिर में जो भक्त सच्चे मन से अपना शीश झुकता है, उसकी मनोकामना पूर्ण होती हैं. मंदिर के पुजारी सत्य प्रकाश मिश्रा ने बताया कि इस मंदिर में दर्शन करने के लिए भक्त दूर दराज से आते हैं. इसके अलावा ज्येष्ठ मास के सभी मंगलवार को मंदिर में भंडारे का आयोजन किया जाता है.
मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव की गहरी आस्था
मंदिर के पुजारी सत्य प्रकाश मिश्रा ने बताया कि प्राचीन भुइयन देवी मंदिर से दिवंगत समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू और भाजपा नेता अपर्णा यादव की गहरी आस्था है. वह मंदिर में विराजमान पंच मुखी एवं दक्षिण मुखी भगवान हनुमान का चोला शृंगार विगत कई वर्षों से करा रही हैं. साथ ही बताया कि अपर्णा यादव चोला श्रृंगार की सारी सामग्री हर मंगलवार और शनिवार को भेजती हैं. पुजारी के मुताबिक, अपर्णा यादव के अलावा भी कई नेताओं की इस मंदिर से गहरी आस्था है, जिसमें केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और नोएडा विधायक पंकज सिंह, पूर्व सांसद दिलीप श्रीवास्तव शामिल हैं.
कैसे पहुंचें प्राचीन भुइयन देवी मंदिर
अगर आप प्राचीन भुइयन देवी मंदिर आना चाहते हैं, तो अपने निजी वाहन और टैक्सी के अलावा लखनऊ मेट्रो बेहतर साधन है. लखनऊ मेट्रो के भूतनाथ स्टेशन पर उतरकर आप शेखर अस्पताल के पास इंदिरा नगर में आसानी से पैदल जा सकते हैं. इसी जगह मंदिर है, जो कि गाजीपुर थाने में आता है.
.
FIRST PUBLISHED : May 16, 2023, 15:15 IST








