
आशुतोष तिवारी/ रीवा. आज के दौर में उद्योग धंधा के अलावा किसानी से भी किसान लाखों रुपए की कमाई कर रहे हैं. ये सब कुछ उन योजनाओं की वजह से संभव हो रहा है, जिन्हें उन्नत किस्म की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया है. इन योजनाओं का फायदा लेकर किसान पॉलीहाउस, नेट हाउस, वेयरहाउस बनवा कर आधुनिक खेती कर सकते है और उत्पाद का भंडारण भी कर सकते है. इसके लिए किसानों को आसानी से ऋण भी मिल जाता है. खास बात ये है की सरकार से कर्ज मिलने के बाद सब्सिडी भी मिलती है. जिससे किसानों को खेती से तो लाभ होता ही है साथ में सब्सिडी का फायदा भी मिलता है.
अलग-अलग राज्य सरकारें सब्सिडी भी अलग-अलग देती हैं. कोई सरकार 50 प्रतिशत का अनुदान देती है तो कोई 75 प्रतिशत का अनुदान देती है. बैंक के कर्मचारियों और उद्योग विभाग की माने तो रीवा में भी संरक्षित खेती की असीमित संभावनाएं हैं. यहां के किसान उद्यमी है. बेहतरीन खेती के लिए जाने जाते हैं. इंडिया बैंक के सत्यप्रकाश आनंद बताते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा कई योजनाएं चलाई जाती हैं. जिसका फायदा किसान ले सकते हैं. इसमें आम की खेती, अमरूद की खेती, पॉलीहाउस, नेट हाउस, वेयरहाउस सभी के लिए बैंक से लोन भी उपलब्ध कराया जाता है. साथ में सब्सिडी भी दी जाती है.
उन्होंने कहा किपॉली हाउस में बिना सीजन के विविध परिस्थितियों में फसल का उत्पाद किया जा सकता है. रीवा के किसान इसका फायदा भी ले रहे हैं. जैसे वो गुलाब का उत्पादन कर दिल्ली तक सप्लाई करते हैं. किसानों को उनके अनुभव के आधार पर फाइनेंस कराया जाता है. उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति वाकई में खेती करना चाहता है तो वह खेती को लाभ का व्यवसाय बना सकता है. रीवा के कई किसान इस योजना का फायदा उठा कर आज कई पॉलीहाउस और नेट हाउस बनवा चुके हैं और लाखों में कमाई कर रहे हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 10, 2023, 20:32 IST








