कौशांबी– मेडिकल कॉलेज में सुरक्षित मातृत्व की नई पहचान
कौशांबी मेडिकल कॉलेज में सुरक्षित मातृत्व की नई पहचान, 24 घंटे तत्पर प्रसूति विभाग
एक माह में 500 से अधिक सामान्य प्रसव और 100 से अधिक सिजेरियन ऑपरेशन, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी उपलब्धि
कौशांबी। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, कौशांबी का स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग सुरक्षित मातृत्व की दिशा में निरंतर उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रहा है। प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह के नेतृत्व में विभाग की पूरी टीम गर्भवती महिलाओं को 24 घंटे प्रसूति एवं आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध करा रही है।

एक माह में 500 से अधिक सामान्य प्रसव तथा 100 से अधिक सिजेरियन ऑपरेशन किए जाना मेडिकल कॉलेज के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह आंकड़ा न केवल संस्थान में उपलब्ध प्रसूति सेवाओं की निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल टीम के सामूहिक प्रयास और समर्पण का भी प्रमाण है।
इस सेवा में डॉ. विशाखा दीक्षित, डॉ. वर्षा केसरी, डॉ. यास्मीन उबैद, डॉ. आनंदिता पाल, डॉ. अर्चना, डॉ. अनूप्रिया एवं डॉ. विभा कुमारी सहित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

प्रसव सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में लेबर रूम इंचार्ज, वरिष्ठ एवं प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ तथा पैरामेडिकल स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं की निरंतर निगरानी, चिकित्सकों के साथ समन्वय, समय पर आवश्यक सहायता तथा प्रसव के बाद मां और नवजात की देखभाल में पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे प्रसूति सेवाएं उपलब्ध होने से कौशांबी एवं आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल रही है। सामान्य प्रसव के साथ आवश्यकता पड़ने पर सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होने से आपात परिस्थितियों में समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकता है। एक माह में बड़ी संख्या में सफल प्रसव इस बात का प्रमाण है कि मेडिकल कॉलेज की पूरी टीम मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है।








