कौशांबी। सिराथू तहसील क्षेत्र के केशवापुर गांव में अदालती आदेश को ताक पर रखकर जबरन बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर लगाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की रोक के बावजूद विपक्षी पक्ष ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से विवादित जमीन पर खंभे गड़वा दिए। न्याय की गुहार लेकर पीड़ित ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी (डीएम) को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केशवापुर निवासी देवेंद्र सिंह और विपक्षी पक्ष के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन था, जहां से जमीन पर बिजली का पोल न लगाने को लेकर स्थगन आदेश (स्टे) जारी किया गया था। पीड़ित देवेंद्र सिंह का आरोप है कि अदालती रोक के बावजूद विपक्षी पक्ष ने मिलीभगत कर जबरन जमीन पर बिजली के खंभे गड़वा दिए और वहां ट्रांसफार्मर भी स्थापित करा दिया।
पुलिस और तहसील कर्मियों की मौजूदगी पर भी सवाल पीड़ित का कहना है कि जिस वक्त पोल लगाए जा रहे थे, उस दौरान सिराथू तहसील के राजस्व कर्मी व पुलिस बल मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि कोर्ट के आदेश की जानकारी होने के बाद भी अधिकारियों ने कार्य को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया, बल्कि विरोध करने पर पीड़ित को धमकाकर वहां से हटा दिया गया।
तहसील दिवस में डीएम से न्याय की गुहार अदालती आदेश की अवहेलना और अधिकारियों की कार्यशैली से आहत पीड़ित पक्ष ने तहसील दिवस का रुख किया। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और जमीन से पोल व ट्रांसफार्मर हटवाने की मांग की है। मामले में प्रशासन की ओर से जांच के बाद उचित कदम उठाने की बात कही गई है।









