*कौशांबी न्यूज –
मंझनपुर तहसील में चल रहे गंभीर प्रकरण की दर्जनों फाइल अचानक गायब हो गई हैं। कोर्ट के एक बाबू को इस मामले में बुधवार की शाम कलक्ट्रेट की कॉलोनी से पुलिस ने उठा लिया। गुरुवार को बाबू के समर्थन में वकील और कर्मचारी आ गए। बाबू का बयान लेकर छोड़ दिया गया है। मामले की जांच एडीएम शालिनी प्रभाकर को दी गई है।
*गायब फाइलों की स्थिति*
मंझनपुर तहसील में एसडीएम कोर्ट में तैनात रहें एक बाबू का पखवारा भर पहले सिराथू तहसील तबादला हो गया है। बाबू के ट्रांसफर होने के बाद कोर्ट के अन्य कर्मचारियों को पता चला की कई महत्वपूर्ण मुकदमे की फाइल गायब है। इनमे से अधिकतर फाइल सरकार से संबंधित हैं। ये भी जानकारी हुई की पूर्व में तैनात रहें एसडीएम ने सरकार के खिलाफ रहे लोगों के पक्ष में आर्डर किया है। आर्डर होने के बाद प्रभावित लोग अब सरकारी जमीन पर अपना हक जता रहे हैं। प्रकरण एसडीएम राजकुमार मौर्य के संज्ञान में लाया गया। एसडीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए पहले उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट के साथ बताया। इसके बाद जांच भी शुरू करा दी। दर्जन भर से अधिक फाइल गायब थी, तमाम खोजबीन के बाद फाइलों का सुराग नहीं लग रहा था। प्रकरण में अचानक अधिकारी तेवर में आ गए। कोर्ट में पहले तैनात रहे बाबू को कलक्ट्रेट कॉलोनी से बुधवार की शाम को पुलिस ने उठा लिया। रात भर पूछताछ की गई, लेकिन बाबू तस से मस नहीं हुआ। हिरासत में लिया गया बाबू यही कहता रहा कि 20 दिन पहले वह कोर्ट का सारा चार्ज देकर सिराथू तहसील ज्वाइन कर चुका है। अब उससे कोई मतलब नहीं है।
*बाबू की स्थिति और जांच*
गुरुवार कि सुबह वकील और कर्मचारी संगठन के लोग भी बाबू के पक्ष पक्ष में उतर आये। इसके बाद उच्चाधिकारीयों से भी मिले। इसके बाद एडीएम शालिनी प्रभाकर तहसील पहुंची। बाबू को कोतवाली से बुलाया गया। लंबी पूछताछ के बाद बयान दर्ज कराकर बाबू को छोड़ दिया गया है। बाबू के खिलाफ अब एडीएम कि अगुवाई में गठित टीम जांच कर रही है। फाइल गायब होने से तहसील में खलबली मची है।
*सरकारी जमीन के आदेश*
मंझनपुर तहसील में सरकारी जमीनों के साथ बड़ा खिलवाड़ हुआ है। जो जमीन तहसील प्रसाशन के अधिकार में होनी चाहिए थी। उसको लोगों के नाम पर आदेश के माध्यम दे दिया गया। मुकदमे के दौरान ये सारा खेल हुआ। पूर्व एसडीएम ने आदेश किया, लेकिन आर्डर उनके कार्यकाल में अपलोड नहीं किया गया। जब पूर्व एसडीएम का तबादला हो गया तो बाबू ने वर्तमान एसडीएम के नाम से आर्डर पोर्टल पर पोस्ट कर दिया जो अब प्रदर्शित हो रहा है। इसकी जानकारी होने के बाद से ही एसडीएम पूरे एक्शन में है। ये सब कैसे हुआ, इसकी जांच अब शुरू हो चुकी है।









