पुलिस अधीक्षक ने गूगल मीट के जरिए की अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा, दिए सख्त निर्देश

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

कौशाम्बी: पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी सत्यनारायण ने जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ गूगल मीट के माध्यम से अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण, अपराधियों की धरपकड़ और आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था पर मुख्य जोर दिया गया।
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्देश: लंबित विवेचनाओं का निस्तारण: 60 और 90 दिवस से अधिक समय से लंबित मामलों की थाना एवं विवेचकवार समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, तकनीकी पोर्टल्स का उपयोग: यक्ष एप, आईटीएसएसओ, ई-साक्ष्य, ई-समन और आईआरएडी (iRAD) पर उपलब्ध प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करते हुए समय से सूचनाएं अपडेट करने और प्रक्रिया का प्रभावी अनुपालन करने को कहा गया।

वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी: 07 वर्ष से अधिक सजा वाले अपराधों में वांछित अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए थानों को लगातार दबिश देने और प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: आईजीआरएस (IGRS) एवं शिकायत प्रकोष्ठ में लंबित प्रार्थना पत्रों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर शिकायतकर्ताओं को समय पर अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा और जीरो फैटिलिटी: सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों और कारणों की समीक्षा की गई। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) को चिन्हित कर संबंधित विभागों के समन्वय से सुधारात्मक कार्रवाई करने, जागरूकता बढ़ाने और ‘जीरो फैटिलिटी’ के लक्ष्य को प्राप्त करने पर जोर दिया गया।
त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था: वर्तमान में आयोजित हो रहे जन्माष्टमी मेलों, आगामी गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा के आयोजनों, जुलूसों एवं विसर्जन स्थलों के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। मेला स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, प्रभावी गश्त, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया।
थानों में सर्विलांस और सीसीटीवी: थानों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की समीक्षा की गई तथा खराब कैमरों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अपराध नियंत्रण, विवेचनाओं के निस्तारण और जनशिकायतों के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमजन को त्वरित एवं प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें